1.434

मेगावाट का सौर उर्जा संयत्र यूनिवर्सिटी में हुआ स्थापित

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सौर प्लेट यूनिवर्सिटी में स्थापित किये गये हैं

17000

वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया गया है स्थापित

6000

युनिट बिजली का उत्पादन होगा हर दिन

20

लाख रुपये का हर माह फायदा होगा विश्वविद्यालय को

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महीने में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने यह कार्य पूरा किया है

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भवनो की छत अब पूरी तरह सौर प्लेट से युक्त है

allahabad@inext.co.in

ALLAHABAD: मिसाइलमैन दिवंगत पूर्व राष्ट्रति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन पर इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के खाते में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई. यूनिवर्सिटी ने सौर ऊर्जा पॉवर हब बनने का गौरव हासिल कर लिया है. यहां 6000 युनिट बिजली का हर दिन उत्पादन होगा. यह सिर्फ इलाहाबाद यूनिवर्सिटी प्रिमाइस ही नहीं शहर के लोगों के भी काम आएगी. स्पेशली उन दिनो में जब यूनिवर्सिटी में अवकाश होगा.

वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम

इलाहाबाद विश्वविद्यालय सौर ऊर्जा से संचालित होने वाला विश्वविद्यालय बन गया है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने सोमवार को लॉ फैकल्टी की छत पर 1.434 मेगावाट सौर उर्जा संयत्र का उद्घाटन किया. इस मौके पर आईजी रेलवे बीआर मीना, एचएफएम सोलर पॉवर प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर धमर्ेंद्र जैन के अलावा विवि रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, लॉ फैकल्टी के डीन प्रो. आरके चौबे, वित्त अधिकार डॉ. सुनीलकांत मिश्र समेत अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे.

खास बातें

बिजली की खपत को कम करने के लिए तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर उर्जा प्लेट को स्थापित किया गया है.

यह प्रोजेक्ट सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) लिमिटेड भारत सरकार के निर्देशानुसार जून 2018 से विवि में आरंभ हुआ था.

शनिवार और रविवार को जब विवि में सरकारी अवकाश होगा तो विवि द्वारा इलाहाबाद शहर को बिजली प्रदान की जाएगी.

इस सौर ऊर्जा प्लांट के संचालन और रखरखाव में विवि को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा

एचएफएम सोलर कंपनी के द्वारा ही अगले 25 वर्ष तक इन सौर प्लेट का रख रखाव किया जाएगा.

विश्वविद्यालय ने आज गैर पारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अब इससे विवि को हर महीने लगभग बीस लाख रुपये की बचत होगी. हमने मात्र पांच महीने की अवधि में ही यह सफलता हासिल की है.

डॉ. चित्तरंजन कुमार,

जनसंपर्क अधिकारी इविवि

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रेलवे से हुई थी शुरुआत

सौर ऊर्जा संयंत्र से बिजली के उत्पादन की शुरुआत इलाहाबाद में सेंट्रल गवर्नमेंट से डील होने वाले रेलवे से हुई थी. इलाहाबाद जंक्शन पर 683 केवी, डीआरएम ऑफिस में 150 केवी, जीएम एनसीआर बिल्डिंग पर 266 केवी और इलाहाबाद स्टेशन पर 166 केवी का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा चुका है. इससे रेलवे के ऑफिसेस के यूज के लिए पॉवर जनरेट होने लगी है.