अयोध्या में बढ़ रही गतिविधियों के कारण पुलिस सतर्क

खुफिया रिपोर्ट पर साइबर सेल व सर्विलांस सेल को एसएसपी ने किया एक्टिव

मेरठ में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को शासन ने दिए आदेश

Meerut. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की चर्चाओं और अनहोनी की आशंका के मद्देनजर मेरठ पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर नजर रखनी शुरू कर दी है. इसके तहत साइबर सेल ने तकरीबन 1.5 लाख व्हाट्सऐप ग्रुप की गतिविधियों को रडार पर ले रखा है. इसके अलावा फेसबुक व ट्विटर की पोस्ट पर भी लगातार नजर रखी जा रही है. एसएसपी अखिलेश कुमार ने सभी एसपी, सीओ व इंस्पेक्टर को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. एसएसपी के मुताबिक सोशल मीडिया पर विवादित या भड़काने वाली पोस्ट वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

खुफिया विभाग की रिपोर्ट

अयोध्या में बढ़ रही गतिविधियों के मद्देनजर खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी किया है. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ धार्मिक संगठन व्हाट्सऐप गु्रप बनाकर विवादित पोस्ट वायरल कर सकते हैं. एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि तकरीबन डेढ़ लाख व्हाट्सऐप ग्रुप पर रोजाना मैसेज का आदान प्रदान होता है, लिहाजा इन सभी गु्रप के मैसेज पर नजर रखी जा रही है.

ग्रुप एडमिन को चेतावनी

एसएसपी अखिलेश कुमार ने कहाकि व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन मैसेज फारवर्ड करने से पहले सावधानी बरतें

अपरिचित व्यक्तियों को गु्रप में शामिल न करें

ग्रुप में आपत्तिजनक वीडियो व फोटो न शेयर करें

किसी धर्म, संप्रदाय के खिलाफ विवादित टिप्पणी न करें.

ग्रुप एडमिन अपने गु्रप को ओनली एडमिन मोड पर रखे, जिससे दूसरा व्यक्ति कोई पोस्ट न सके.

जीरो टालरेंस नीति लागू

अयोध्या में हो रही गतिविधियों के मद्देनजर मेरठ में अलर्ट जारी कर दिया गया है. गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं. सर्विलांस टीमों को एक्टिव कर दिया गया है तो वहीं खुफिया एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया. एडीएम सिटी मुकेश चंद ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों को शासन के निर्देशों के क्रम में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. क्षेत्रों में नियमित गश्त के साथ-साथ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को जीरो टालरेंस पर गतिशील रहने के लिए कहा गया है. जिला प्रशासन को भीड़ पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं.