1. शम्मी ने साल 1931 में मुंबई की एक पारसी फैमली में जन्म लिया। उनके पिता प्रीस्ट थे। शम्मी के जन्म के बाद माता पिता ने उनका नाम नरगिस रबाड़ी रखा था। बाद में डायरेक्ट तारा हरीश ने उनको इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए अपना नाम बदल कर शम्मी रखने की सलाह दी थी। तब से इनका नाम नरगिर की जगह शम्मी पड़ गया।

जानी मानी अभिनेत्री शम्‍मी आंटी का निधन,इस तरह फि‍ल्‍म जगत में बनाई थी अपनी जगह

2. साल 1949 में शम्मी ने 18 साल की उम्र में फिल्म जगत में डेब्यू किया था। उनकी पहली फिल्म तारा हरीश के निर्देशन में बनी थी जिसका नाम उस्ताद पेड्रो है। उन्होंने दूसरी फिल्म साल 1951 में की थी। अपनी तीसरी फिल्म में शम्मी ने मधुबाला और दिलीप कुमार के साथ संघदिल में काम किया था जो बॉक्स ऑफिस पर पिट गई थी।

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3. फिल्म मल्हार की शूटिंग के वक्त शम्मी अभिनेत्री नरगिस से मिलीं और दोनों अच्छे दोस्त भी बन गए। उस वक्त नरगिस के अभिनय और सुंदरता के किस्से वाह वाही बटोर रहे थे तो शम्मी भी साइड एक्ट्रेस के तौर पर काफी नाम कमा रही थीं। शम्मी को सिर्फ अभिनय करने से मतलब था। उनके मुताबिक फिल्मों में सिर्फ लीड एक्ट्रेस बन कर ही अभिनय नहीं कर सकते हैं बल्कि किसी भी रोल में वो सहज थीं।

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4. फिल्म संघदिल में लीड एक्ट्रेस के तौर पर सफलता न मिलने पर शम्मी ने साइट एक्ट्रेस बनने की ठान ली। फिर वो सपोर्टिंग एक्ट्रेस के रोल साइन करने लगीं। जिसमें कॉमेडी स्क्रिप्ट्स भी शामिल थीं। शुरुआती दौर में उन्होंने पहेली, झलक, बंदिश और आजाद में सपोर्टिंग एकट्रेस का रोल प्ले किया है।

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5. साल 1970 में शम्मी ने प्रोड्यूसर सुल्तान अहमद से शादी कर ली थी। साल 1973 में सुल्तान के निर्देशन में बनी फिल्म हीर को शम्मी ने अस्सिट किया था। अमिताभ बच्च्न स्टारर फिल्म गंगा की सौगंध में भी शम्मी ने अस्सिटेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाई थी। शम्मी ने शादी भले ही कर ली थी पर उनके सपने बडे़ थे। इसलिए शम्मी ने फिल्मी करियर शादी के बाद भी नहीं छोडा़।

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6. साल 1985 में शम्मी ने प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया था। फिल्म पिघलता आसमान बनाने के बाद फिल्म अच्छा बिजनेस नहीं कर पाई और शम्मी की आर्थिक हालात खराब हो गए। शम्मी के अच्छे दोस्त कहे जाने वाले राजेश खन्ना भी इस फिल्म का एक हिस्सा थे। बाद में राजेश खन्ना ने कई टीवी सीरियल बनाए और शम्मी को उनमें मौका भी दिया।

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7. शम्मी आंटी हिंदी सीरियल्स की ग्रैंड मॉम थीं। शम्मी ने कई बडे़ सीरियल्स में काम किया है। उन्होंने देख भाई देख , जबान संभाल के , श्रीमान श्रीमती , कभी ये कभी वो और फिल्मी चक्कर जैसे सीरियल में अभिनय दिखाया।

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8. बॉलीवुड में एक समय था जब शम्मी की डिमांड फिल्म मेकर्स के सिर चढ़ कर बोल रही थी। शम्मी ने कई बडी़ फिल्मों में काम भी किया जैसे कुली नम्बर 1, मर्दों वाली बात, गुरुदेव, गोपी किशन, हम साथ साथ हैं और इम्तिहान।

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9. शम्मी ने श्रीदेवी और अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म खुदा गवाह में भी काम किया। फिल्म में शम्मी अमिताभ बच्चन की मां की भूमिका में थीं। उस वक्त फिल्म में काम कर रहे ये एकटर्स अपने करियर के पीक पॉइंट पर थे।

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10. शम्मी लंबी बीमारी के चलते दुनिया को अलविदा कह गईं। आखिरी बार शम्मी फिल्म शिरीन फरहाद की तो निकल पडी़ में नजर आई थीं। इस फिल्म में शम्मी ने एक पारसी महिला का किरदार निभाया था।

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