कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। Antyodaya Diwas 2021 : भारत में हर साल की तरह इस बार भी 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस मनाए जाने की तैयारी है। अंत्योदय दिवस पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के रूप में मनाया जाता है। आज देश में गरीबों के उत्थान में तमाम अंत्योदय योजनाएं चल रही हैं। भारत सरकार द्वारा 25 सितंबर, 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 98 वीं जयंती के अवसर पर 'अंत्योदय दिवस' की घोषणा की गई थी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ही अंत्योदय का नारा दिया था। अंत्योदय का अर्थ है समाज के अंतिम छोर तक आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोगों का उदय या विकास करना होता है।

कोई भी देश अपनी जड़ों से कटकर कभी भी विकास नहीं कर सका

पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहते थे कि कोई भी देश अपनी जड़ों से कटकर कभी भी विकास नहीं कर सका है। एक आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने एक साथ कुशल चिंतक, संगठक, लेखक , साहित्यकार, शिक्षाविद्, समाज सेवक, राजनीतिज्ञ, वक्ता और पत्रकार के रूप में इस समाज का मार्ग दर्शन किया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी में संगठन का अद्वितीय और अद्भुत कौशल था।

दीनदयाल का जन्म यूपी के मथुरा के नगला चंद्रभान में हुआ था

बतादें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश की पवित्र ब्रजभूमि में मथुरा जिले के छोटे से गांव नगला चंद्रभान में हुआ था। उनका बचपन काफी कठिन दाैर से गुजरा था। हालांकि उन्होंने जीवन के तमाम उतार-चढ़ाव में भी खुद को कभी डगमगाने नही दिया था बल्कि हर कदम आगे बढ़ाया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय 11 फरवरी, 1968 में आकस्मिक निधन हो गया था। यह देश के इतिहास में एक दु:खद और काला दिन कहा जाता है।

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