JAMSHEDPUR: कोल्हान में डेंगू पर कंट्रोल पाना मुश्किल सा हो गया है. इस साल अब तक डेंगू के फ्ब्क् मरीज मिले है, जो कि एक रिकॉर्ड है. मंगलवार को क्0 और नए मरीजों की पुष्टि हुई. जिला सर्विलांस विभाग ने बीते सोमवार को शहर के अलग-अलग अस्पतालों से कुल ब्ख् संदिग्ध मरीजों का नमूना संग्रह कर जांच के लिए एमजीएम कॉलेज स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा था जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को आई. ये मरीज साकची, मानगो, बारीडीह, एग्रिको, कदमा, बिरसानगर, बागबेड़ा, टेल्को, टिनप्लेट कालोनी, भुइयांडीह, सरायकेला सहित अन्य क्षेत्रों के रहने वाले हैं. इनका इलाज टीएमएच, मेडिका, टेल्को, मर्सी, मेडिट्रिना, ब्रह्मानंद सहित अन्य हॉस्पिटल्स में चल रहा है. कोल्हान में अब तक क्ख् मरीजों की मौत हो चुकी है, जो अबतक का सर्वाधिक है. वहीं बीते वर्ष कुल ख्ब्9 मरीजों की पुष्टि हुई थी.

कंपनी के बंद क्वार्टरों में पनप रहे थे डेंगू के मच्छर

टाटा कमांड एरिया में क्भ्00 से अधिक बंद क्वार्टर और बंगले बंद पड़े हैं और कर्मचारी और अधिकारियों के नहीं रहने के कारण इनकी साफ-सफाई नहीं हो रही थी. क्वार्टरों की पानी टंकी का साफ पानी ठहरा हुआ था. इसमें डेंगू मच्छरों का लार्वा पनपता गया. धीरे-धीरे इसने कंपनी क्षेत्र के लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. मामला सामने आने पर जुस्को ने अभियान चलाकर सभी क्वार्टर, फ्लैट और बंगले के पानी टंकी की सफाई कराई. जुस्को के सीनियर जीएम कैप्टन धनंजय ने कहा कि जुस्को डेंगू समेत अन्य बीमारियों को लेकर हमेशा सतर्क रहती है. क्वार्टरों की टंकी की सफाई के अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशानुसार फोगिंग मशीन भी चलाई जा रही है. बारिश में नमी रहती है. ऐसे में फोगिंग मशीन के धुएं से बुजुर्ग और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. इस वजह से मानूसन खत्म होने के बाद पूरे क्षेत्र में नए सिरे से फॉगिंग की जाएगी.