- पुलिस ने पांच नए गैंग किए रजिस्टर्ड

- योगेश भदौड़ा गैंग में 12 बदमाशों का हुआ इजाफा

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Meerut : योगेश भदौड़ा, उधम सिंह, मुकीम काला, अनिल दुजाना, राहुल खट्टा इन नामों के बोलने पर दहशत लगने लगती है, हाल ही में नए बदमाश इन गैंगों से जुड़ रहे हैं. यही कारण है कि योगेश भदौड़ा गैंग में हाल में बारह बदमाशों के नाम शामिल हुए हैं. लेकिन हाल में जो बदमाशों के गैंग रजिस्टर्ड हो रहे है, उनके नाम से ऐसा नहीं लगता की ये बदमाश हो सकते है, पुलिस ने पांच नए गैंग जो रजिस्टर्ड किए है, उनमें मीनू, शादाब, मोनू, गौरव और साबू हैं. पांचों ही नाम बदमाशों की श्रेणी को जाहिर नहीं कर रहे है. हां इतना जरुर है कि इनके गैंग रजिस्टर्ड होने से जनपद में बदमाशों के गैंग की संख्या ब्म् पर पहुंच गई है.

अब ब्म् हो गए रजिस्टर्ड गैंग

जनपद में बदमाशों की संख्या बढ़ती जा रही है, पुलिस भी नये गैंग रजिस्टर्ड कर रही है. अहम बात है कि पुराने गैंगों में भी बदमाशों की संख्या में इजाफा हो रहा है. अब मेरठ में ब्क् गैंग थे, हाल में गैंग की संख्या ब्म् पहुंच गई है. पुलिस ने अपने रिकार्ड में सरधना से मीनू टिबकिया गैंग, शादाब गैंग, मोनू अछरोड़ा गैंग, साबू गैंग और गौरव शर्मा गैंग का इजाफा किया है, इनके जुड़ने से बदमाशों के गैंग ब्म् हो गए है.

पुराने गैंग्स में बढ़ रही बदमाशों की संख्या

विशेष बात यह है कि पुलिस रिकार्ड में योगेश भदौड़ा के गैंग डी-7भ् में पहले ख्क् सदस्य थे, जिनमें हाल ही में क्ख् बदमाशों की संख्या बढ़ गई है. नये गैंग का इजाफा होने से लग रहा है कि बदमाशों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है. पुलिस लगातार अभियान चलाने के बाद बावजूद भी बदमाशों के गैंग खत्म नहीं कर पा रही है. सीओ क्राइम मनीष मिश्रा का कहना है कि अभी ऐसे बदमाश भी वारदातों को अंजाम दे रहे है, जो पुलिस रिकार्ड में नहीं है. पुलिस ने अभियान चलाया है कि वारदात को अंजाम देने वाला बदमाश पुलिस रिकार्ड में होना आवश्यक है, ताकि समय पर उनकी निगरानी हो सकें. यदि वारदात कर रहे है तो उन पर ईनाम घोषित होने की प्रक्रिया भी की जाए.