रांची: रांची यूनिवर्सिटी से संबद्ध बीएन जालान कॉलेज, सिसई में पीजी के 50 स्टूडेंट्स को सिर्फ इसलिए फेल कर दिया गया, क्योंकि मा‌र्क्स देने वाले टीचर्स को पता ही नहीं था कि पास मा‌र्क्स क्या है? यह लापरवाही एग्जामिनेशन बोर्ड के सामने शनिवार को सामने आई. संबंधित टीचर्स ने स्वीकार किया है कि उन्हें मा‌र्क्स की जानकारी ही नहीं थी कि स्टूडेंट्स को कितने अंक में पास करना है और कितने अंक में फेल! अब इस मामले को लेकर रांची यूनिवर्सिटी ने प्रभावित स्टूडेंट्स के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है. शनिवार को वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में परीक्षा बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया. बैठक में वीसी के अलावा प्रोवीसी डॉ कामिनी कुमार, डीएसडब्ल्यू सह रजिस्ट्रार डॉ पीके वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजेश कुमार, सोशल साइंस डीन डॉ पीके सिंह, कॉमर्स डीन डॉ जेपी त्रिवेदी, ह्यूमिनिटी डीन डॉ एस रोहतगी समेत अन्य सदस्य मौजूद थे.

दो पेपर की उत्तर पुस्तिकाएं गायब

पीजी साइकोलॉजी की छात्रा रोजी परवीन की दो पेपर की उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा के बाद विवि से गायब हो गई हैं. संबंधित मूल्यांकन केंद्र पर काफी खोजबीन के बाद भी उत्तर पुस्तिकाएं नहीं मिल रहीं हैं. प्रभावित छात्रा ने आरयू प्रशासन को आवेदन देकर कहा था कि उन्होंने पीजी साइकोलॉजी पेपर-304 और पेपर-405 की परीक्षा की दी थी. लेकिन, उत्तर पुस्तिकाएं नहीं मिल रही हैं. इसलिए विवि प्रशासन फिर से परीक्षा आयोजित कराए. एग्जाम बोर्ड ने फिर से परीक्षा लेने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है.

अंक गलत, सुधार किया जाएगा

रांची यूनिवर्सिटी के पीपीके कॉलेज बुंडू के प्रिंसिपल ने अंक में सुधार के लिए विवि प्रशासन के पास प्रस्ताव भेजा था. इसमें कहा गया था कि पीजी बॉटनी के प्रैक्टिकल में पहले दिया गया अंक गलत था. इसलिए सुधार कर प्रैक्टिकल का दोबारा भेजे गये अंक को जोड़ा जाए. इस प्रस्ताव पर एग्जाम बोर्ड में चर्चा हुई. इसके बाद सदस्यों ने सुधार कर दोबारा भेजे गये प्रैक्टिकल अंक को जोड़ने की स्वीकृति प्रदान कर दी.