- प्रशासनिक सेवा परीक्षा में बदलाव के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा लेटर

- एग्जाम पैटर्न में सी-सैट के अंतर्गत हिंदी व अन्य दूसरी भाषाओं के साथ होने वाली खामियों पर उठाया सवाल

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LUCKNOW: मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषी स्टूडेंट्स के भविष्य एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा परीक्षा में समानता की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए सी-सैट प्रणाली पर पुनर्विचार करने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंडे को यहां लिखे गए एक लेटर में कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रशासनिक सेवा परीक्षा में यूपी से काफी तादाद में कैंडीडेट्स शामिल होते हैं, जिनकी मूल भाषा हिंदी है.

सॉफ्टवेयर से ट्रांसलेशन

मुख्यमंत्री ने अपने लेटर में लिखा है कि मौजूदा समय में आयोजित एग्जाम पैटर्न में सी-सैट के अंतर्गत जो प्रश्नपत्र हिंदी या दूसरी भाषाओं के माध्यम के कैंडीडेट्स को उपलब्ध कराए जाते हैं. उसमें मूल रूप से इंग्लिश भाषा का ट्रांसलेशन सॉफ्टवेयर की हेल्प से किया जाता है. इससे ट्रांसलेशन के बाद प्रश्न के मूल अर्थ में काफी गलतियां हो जाती हैं. इस कारण कैंडीडेट्स की ओर से उनका उत्तर देने में संशय की स्थिति बन जाती है.

लखनऊ में हो रहा विवाद

सी-सैट एग्जाम में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर हो रहे बवाल का असर लखनऊ में देखा जा रहा है. लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर सिविल की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स कई बार प्रधानमंत्री का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं. इसके अलावा विधानसभा मार्ग स्थिति गांधी प्रतिमा पर इसके विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया जा चुका है.