- लॉकडाउन की आड़ में नकली दवाओं को खपाने की थी तैयारी

PATNA :

अगर आप सेहत दुरूस्त करने के भरोसे में आंख बंद कर दवाएं खा रहे हैं तो जरा सतर्क हो जाइए, क्योंकि दवा माफिया ने कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन की आड़ में नशीली व नकली दवाओं का नया बाजार शुरू कर दिया है। इस बात का खुलासा गुरुवार को उस समय हुआ जब शास्त्रीनगर थाने की पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त छापेमारी कर इस तरह की दवाओं का जखीरा पकड़ा। जानकारी के अनुसार शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में एक बंद मकान में दवा माफियाओं ने कई तरह की नकली और नशीली सप्लाई के लिए छिपा रखी थी। इस बात की भनक ड्रग डिपार्टमेंट और पुलिस को लगी तो उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और दवाओं का ये जखीरा पकड़ा। इस कारोबार को शुरू करने के लिए बड़ी खेप को लाने वाला आरोपी को डीएवी स्कूल के समीप के पास माल डंप कर चुका था। पुलिस अब इस दवा माफिया के सरगना और गुर्गो को पकड़ने में जुट गई है।

- सरगना फरार

छापेमारी की भनक पाकर सरगना फरार हो गया है। पुलिस ने सभी दवाओं को जब्त कर लिया है। इसके बाद पुलिस टीम ने औषधि विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिन्हा के बयान पर मंटू कुमार नाम के एक दवा कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

गैस, लिवर समेत लाखों की दवाएं जब्त

पकड़ी गयी दवाओं में पेन किलर, गैस, नींद, कफ सिरप और मल्टी विटामिन्स की दवाएं शामिल हैं। जिसकी कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है। जब्त दवाओं में कॉम्बीफ्लेम का सिरप, डेटॉल, सेनिटाइजर, युनिएंजाइम टैबलेट, शेल्काल टेबलेट और वोलिनी का स्प्रे आदि करीब एक दर्जन से अधिक नकली दवाएं पकड़ी गईं। सभी दवाएं सात से अधिक कार्टून में रखी गयी थी।

- अधिकारियों से की जाएगी पूछताछ

ड्रग इंस्पेक्टर की मानें तो जिन दवा कंपनियों की नकली दवाएं जब्त की गयी हैं उनके जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। जांच में पता चला है कि मुनाफा अधिक व लालच की वजह से संबंधित दवाएं बड़े पैमाने पर पटना सहित पूरे बिहार में उतारी गई हैं। लॉकडाउन में कार्रवाई नहीं होगी, यह सोचकर इसका फायदा उठाने की तैयारी में दवा माफिया थे। यहां बता दें कि इस कार्रवाई से पहले भी पटना के जीएम रोड, नौबतपुर, राजीव नगर, राजाबाजार, कदमकुआं, खाजेकला, पटना सिटी आदि कई इलाकों में छापेमारी कर बड़े स्तर पर नकली दवाओं को बेचने का खुलासा किया जा चुका है।

झारखंड से लाकर जीएम रोड में खपाने की थी तैयारी

पुलिस जांच में पता चला कि पकड़ी गयी दवाएं झारखंड से लायी जा रही थी। जिसे गोविंद मित्रा रोड स्थित बिहारी साव लेन में मंटू कुमार नाम के एक कारोबारी के यहां पहुंचाई जानी थी। वहीं से थोक व फुटकर के भाव में नकली दवाएं खपाने की तैयारी थी। इस बीच औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिली जिसके बाद पुलिस के साथ छापेमारी कर करीब लाखों रुपए की नकली, नशीली व एक्सपायरी दवाइयां मिलीं। साथ ही बड़े पैमाने पर विभिन्न दवा कंपनियों के रैपर भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि दवा मंडी में दर्जनों दुकानदार ऐसे हैं जो नकली दवाओं की खरीद-बिक्री में लगे हैं। इसको देखते हुए अब पुलिस व औषधि विभाग की टीम बिहारी साव लेन में छापेमारी करने जायेगी।

गुप्त सूचना मिली थी कि शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित डीएवी स्कूल के पास भारी मात्रा में नकली दवाएं डंप पड़ी हैं। जिसके बाद मैं व रंजन कुमार दो ड्रग इंस्पेक्टर की टीम वहां पहुंची और दवाओं को जब्त करने की कार्रवाई की गई। सभी दवाओं को जब्त कर लिया गया है, वहीं संदेह वाले दवाओं का सेंपल जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है।

- राजेश कुमार सिन्हा, ड्रग इंस्पेक्टर।

लॉकडाउन के दौरान अब तक दर्जनों दुकानों में छापेमारी कर आरोपितों को गिरफ्तार कराया जा चुका है। वहीं जीएम रोड में जिस दवा दुकान पर दवाएं जानी थीं उस दवा दुकानदार से पूछताछ की जाएगी। साथ ही टीम जल्द ही छापेमारी करेगी। इस मामले में नकली दवा के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर बड़े पैमाने पर खुलासा करेंगे।

विश्वजीतदास गुप्ता, इंचार्ज औषधि विभाग।

जिस कार्टून पर दुकानदार का नाम लिखा है और जहां से दवाएं आ रही थी, उस नाम के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है। औषधि विभाग के इंस्पेक्टर के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। हालांकि मुख्य आरोपित फरार हो गया है। जहां से दवाएं बरामद की गयी वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज व स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

-विमलेंदु कुमार, थाना प्रभारी शास्त्रीनगर।

Posted By: Inextlive

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