रांची: बिहार और झारखंड सरकार के नाम पर की गयी 4 करोड़ से उपर की ठगी फाइलों में बंद होने के कगार पर पहुंची ही थी कि एक बार फिर साइबर फ्रॉड गिरोह ने भारत गैस एजेंसी के नाम पर 80 हजार की ठगी को अंजाम देकर पुलिस को चौकन्ना कर दिया है. सरकार के नाम पर की गयी करोड़ों की ठगी के मामले में शिकायतकर्ताओं के सामने नहीं आने के कारण दोनों राज्यों की पुलिस मूक दर्शक बनकर रह गई है. मामले को लेकर सोशल साइट्स पर खूंब हंगामे हुए, ट्विटर, फेसबुक समेत अन्य साइट्स पर बवाल मचा, लेकिन महज 400 रुपए की जालसाजी की शिकायत करने के लिए कोई शिकायतकर्ता सामने ही नहीं आया. करीब 80 हजार पदों पर बहाली के नाम पर प्रति कैंडिडेट 400 रुपए लिए गए. आंकड़ों की मानें तो 10000 से ऊपर स्टूडेंट्स इस जालसाजी का शिकार बने, लेकिन आज की तारीख में सारा मामला फाइलों में बंद होकर रह गया है.

अरगोड़ा थाना क्षेत्र का मामला

हर दिन साइबर अपराधी किसी ना किसी को अपना शिकार बना रहे हैं. ताजा मामला रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र का है. यहां सचिवालय कर्मी शंभू सिंह के खाते से साइबर अपराधियों ने गैस कनेक्शन के नाम पर 80 हजार रुपये की ठगी कर ली. अरगोड़ा थाना में मामला दर्ज करवाने पहुंचे शंभू सिंह ने बताया कि उन्हें एक गैस का कनेक्शन लेना था, जिसके लिए उन्होंने 6 अगस्त को ऑनलाइन भारत गैस एजेंसी में अप्लाई किया. इस दौरान कथित गैस एजेंसी की तरफ से शंभू सिंह को फोन करके कहा गया कि आप फिलहाल अपने बैंक अकाउंट से मात्र 20 रुपये उनके खाते में जमा करा दें. 20 रुपए जमा कराने के नाम पर साइबर अपराधियों ने शंभू सिंह से उनके खाते की डिटेल ली. कथित तौर पर गैस एजेंसी के द्वारा शंभू सिंह को दोबारा फोन किया गया और बताया गया कि आपकी बुकिंग कंफर्म हो गई है. अब आपके घर पर सिलिंडर पहुंचा दिया जाएगा, जिसके बाद बाकी की रकम का भुगतान करना होगा.

चार जगह ट्रांसफर

इसके बाद 6 अगस्त को ही अलग-अलग बैंक खातों में 20- 20 हजार करके कुल 80 हजार रुपए शंभू सिंह के खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए. शंभू सिंह ने बताया उन्हें रुपए की जरूरत नहीं थी, इसलिए वो अभी तक बैंक में नहीं गए थे. पैसे की निकासी संबंधित मैसेज भी उनके पास नहीं आया. 10 अगस्त को जब वो कुछ काम के सिलसिले में बैंक से पैसे निकालने गए, तो अकॉउंट में जीरो बैलेंस बताया गया.

विदेशों की फर्जी बेवसाइट

ठगी की अधिकांश बेवसाइट विदेशों में बनाई जाती हैं. सिंगापुर में बनाई गई एक फर्जी बेवसाइट पर बिहार और झारखंड सरकार के नाम पर नौकरी की बहाली निकाली गई. राज्य के युवाओं से 4 करोड़ से अधिक की उगाही भी कर ली गई. बिहार और झारखंड सरकार में 80,000 से अधिक पदों के लिए फर्जी वेबसाइट के जरिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे. उस बेवसाइट के माध्यम से अब तक 10,000 से ज्यादा छात्रों को बेवकूफ बनाया जा चुका है. आवेदन शुल्क के रूप में 400 रुपये मांगे गए थे. अभी तक 4 करोड़ से अधिक की कमाई इस फर्जी वेबसाइट के जरिए की जा चुकी है. कई लोगों ने इसे लेकर ट्विट भी किया है. पीएमओ, एचआरडी मंत्रालय, बिहार और झारखंड सरकार के ऑफिशियल ट्विटर को टैग भी किया गया है.

इन पदों पर बहाली का लालच

बिहार, झारखंड शहरी और ग्रामीण विकास संस्थान में ब्लॉक परियोजना अधिकारी, मल्टी टास्किंग क्लर्क एवं ग्राम परियोजना मित्र के पदों हेतु आवेदन करने के आवश्यक दिशा निर्देश था. विज्ञापन के जरिए अभ्यर्थियों से ब्लॉक परियोजना अधिकारी, सहायक ब्लॉक परियोजना अधिकारी, मल्टी टास्किंग क्लर्क एवं ग्राम परियोजना मित्र के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे. इसे केवल विभाग की वेवसाइट www.ढ्डह्मद्भद्धद्दश्र1.द्बठ्ठ पर ही जाकर करने को कहा गया था.

जालसाजी के लिए ही हुई डिजाइन

एक्सप‌र्ट्स के अनुसार इस वेबसाइट को सिंगापुर से संचालित किया जा रहा है. जानकारों के मुताबिक, ये वेबसाइट बिल्कुल नया है. इसे इसी फर्जीवाड़े के लिए ही डिजाइन किया गया है. जानकारों ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी वेबसाइट के माध्यम से नियुक्ति विज्ञापन भरने से पहले पूरी तरह से जांच कर लेनी चाहिए. साथ ही पेमेंट करने से पहले पूरी तसल्ली कर लेनी चाहिए. ये ठगी और कमाई का नया गोरखधंधा बन चुका है.

रांची में भी हो चुका है फर्जीवाड़ा

इससे पहले भी झारखंड एजुकेशन डेवलपमेंट एक फर्जी वेबसाईट www.द्भद्गस्त्र.श्रह्मद्द.द्बठ्ठ बनाकर राज्य के छात्रों से पहले भी उगाही कर चुकी है. इस फर्जी विज्ञापन की भी खबर भी दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने प्रकाशित की थी, जिसमें छात्रों से करीब दस लाख रुपए ऐंठ लिए गए थे. इसमें कहा गया था कि सभी को नौकरी दी जाएगी.

वर्जन

लोगों को लगा होगा कि महज 400 रुपए की जालसाजी हुई है इसलिए कंपलेनेंट सामने नहीं आए. शिकायतकर्ताओं को सामने आकर कंपलेन करनी चाहिए, ताकि गुनाहगार सलाखों के पीछे हो जाएं.

सुमित प्रसाद

डीएसपी

साइबर क्राइम