- लोग डरे सोचा चालान होने वाला है, हाथों में थैला पाकर खिला चेहरा

DEHRADUN: हनुमान चौक पर फ्राईडे दिन में खरीददारी करने वाले लोगों के हाथों से पॉलीथिन छीनी गई तो लोग डर गए कि शायद उनका चालान होने वाला है, लेकिन जब पॉलीथिन के बदले हाथों में थैला दिया गया तो चेहरे खिल उठे. बोले कि अब इन थैलों को लेकर खरीददारी के लिए आएंगे. ये पहल की गई सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस आर्गेनाइजेशन की ओर से.

छीनी थैली तो घबराए लोग

सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के वॉलेंटेयर्स की ओर से जैसे ही लोगों के हाथों से थैली छीनी गई तो लोग घबरा गए. उनको लगा कि प्लास्टिक बैन होने की वजह से अब सीधे उन पर ही कार्रवाई होने वाली है. ऐसे में महिलाएं और तेजी से आगे बढ़ने लगी. हालांकि उनके हाथ से पॉलीथिन लेकर उनको कपड़े के बने थैले दिए गए तो वे खुश थी.

मेयर ने दी नसीहत

इस दौरान मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी कई लोगों को कपड़े के थैले दिए. वहीं इस दौरान उन्होंने मॉर्केट का निरीक्षण कर पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने की नसीहत दी. मशरूम वालों से इसे पॉलीथिन के पैकेट में नहीं बेचे जाने को कहा. इस दौरान एक दुकान से पॉलीथिन लेकर निकलने वाले एक व्यक्ति को वहीं रोका और दुकानदार से पॉलिथिन दान करने को कहा, हालांकि दुकानदार ने उसे लास्ट पॉलीथिन बताते हुए पल्ला झाड़ लिया. इस बीच एक दुकानदार ने मेयर को विकल्प दिए जाने की बात कही तो वे भड़क गए और बोले कि अभियान में साथ देने की जगह ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विकल्प स्वयं तलाश लीजिए.

मेयर मांगते रहे पॉलीथिन

इस दौरान मेयर दुकानदारों से पॉलीथिन मांगते रहे. पूरे बाजार वे पॉलीथिन दान दे दो, दान दे दो कहकर चलते रहे. हालांकि सभी दुकानदारों ने इसे हंसी में टाल दिया और बोले कि पॉलीथिन नहीं है. जबकि उसी समय कुछ दुकानों से लोग पॉलीथिन में सामान लेकर निकले. सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के स्टेट कॉर्डिनेटर एससी पटेल ने बताया कि स्टेट को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री बनाने की मुहिम में ऑर्गेनाइजेशन भी कूद पड़ी है. इस अभियान को जारी रखा जाएगा.

इनके खिले चेहरे

पहले तो मैं डर गई. लगा कि चालान करने वाले हैं. लेकिन पॉलीथिन छीनकर थैला दिया तो खुशी हुई.

- किरन कौशिक, दर्शनी गेट

ऑर्गेनाइजेशन की ओर से जो कपड़े का थैला दिया गया है. अब हर बार उसको लेकर ही मॉर्केट आया करेंगे.

- गौरी शर्मा, डीएल रोड

ये अच्छी पहल है. हमारे हाथ से पॉलीथिन लेकर हमें थैला दे दिया. जिससे बेहद खुशी हुई.

- आरसी चावला, बल्लूपुर चौक

अचानक जब मेयर ने रोका तो लगा कि पॉलीथिन क्यों ले रहे हैं. लेकिन इसके बदले थैला पाकर बहुत अच्छा लगा.

- उमेश शर्मा, मोहब्बेवाला