क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : दुर्गा पूजा में कान फाड गाना बजाने वाले पंडालों पर विशेष नजर रखी जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा तय डेसिबल से ज्यादा साउंड में लाउडस्पीकर बजाने वाले पंडालों को चिन्हित किया जा रहा है. इतना ही सभी पूजा पंडालों में नहीं रात दस से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक भी लगाई गई है. जिस पंडाल में इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

तय है ये मानक

इंडस्ट्रियल एरिया

पूजा पंडालों में दिन के वक्त 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल साउंड में ही लाउडस्पीकर या अन्य म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है.

व्यापारिक क्षेत्र

यहां मानक दिन में 65 डेसिबल और रात में 55 डेसिबल तय है. इससे तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजाया जा सकता है.

आवासीय क्षेत्र

यहां दिन में 55 डिसिबल और रात में 45 डिसिबल तक म्यूजिक की आवाज हो सकती है.

हॉस्पिटल जोन

इन इलाकों में दिन में 50 डिसिबल और रात में 40 डेसिबल साउंड का इस्तेमाल हो सकता है.

रात 10 से सुबह 6 तक नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर

प्रदूषण नियंत्रण पार्षद और जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार किसी भी पंडाल में रात के 10 बजे के बाद से लेकर सुबह के 6 बजे तक गाना नहीं बजाया जाएगा. साथ ही गाना बजाने के लिए मानक भी तय किया गया है कि किस डिसिबल लेबल से ज्यादा साउंड में गाना नहीं बजाया जाएगा