मगर जब भी कोई आपको कॉल करता है तो उसे कॉलर टोन की जगह कंपनी की प्रमोशनल ब्रांडिंग सुनाई देती हैं. जब तक  टोन का नंबर आता है तब तक कॉल रिसीव हो जाती है.

Result और  match score                                                                                                                           कॉल करने के बाद कॉलर टोन सुनने का मौका तो आपको बाद में मिलता है. जब भी आप किसी नंबर पर कॉल करते हैं जिस पर कॉलर टोन सर्विस एक्टिवेट है तो आपको डायल करते ही सबसे पहले एक सुनाई देती है वो इस कॉलर टोन को कॉपी करने के लिए होती है. इसके बाद कभी दसवीं व बारहवीं के रिजल्ट के बारे में जानकारी दी जाती है तो कभी क्रिकेट मैच का स्कोर बताया जाता है.

Chance for become crorepati

इसी कॉलर टोन के बीच में आपको कई तरह के क्विज भी सुनाए जाते हैं. जिनमें एक आसान से जवाब देने पर आप लखपति या करोड़पति बन जाएंगे. कॉलर टोन सर्विस वाले फोन पर जब आप कॉल करते हैं तो एक मैडम अपनी सुरीली आवाज में आपको करोडा़े रुपये जीतने का मौका देती हैं . वो आपसे किसी फिल्म या सेलिब्रेटी से जुड़ा सवाल पूछती हैं. आप भी लालच में फंस जाते हैं. पहले एक सवाल और फिर दूसरा सवाल ऐसे ही कई और सवालों के साथ विनिंग प्राइज बढ़ता जाता है आपका सारा बैलेंस खत्म हो जाता है.

Company enjoys on your money

मोबाइल कंपनियां अपने कस्टमर की जेब ढीली करने के लिए लगातार कुछ न कुछ करती रहती हैं. पिछले कुछ सालों में कॉलर टोन का क्रेज काफी बढ़ा है. नेटवर्क चाहें कोई भी हो पर कॉलर टोन में गाना सलेक्शन चार्ज 15 रुपये और इसे कंटीन्यू करने के लिए पर महीने में 30 रुपए  का चार्ज हर कस्टमर से लिया जाता है. लोग न जाने कहां-कहां से कॉलर टोन चुनते हैं और अपने फोन नंबर पर उसे लगवाते हैं. अपने फोन नंबर पर किसी भी तरह की सर्विस एक्टिवेट कराने के लिए आप उसका तय चार्ज देते हैं. पूरा चार्ज देने के बाद हर कॉलर को आपके द्वारा चुनी गई कॉलर टोन सुनाई देनी चाहिए मगर ऐसा नहीं होता. जिस कॉलर टोन सर्विस के लिए आप अपना पैसा खर्च करते हैं उस पर कंपनी अपनी तमाम सुविधाओं का प्रचार करती है.

"जिस चीज के लिए हम पे करते हैं वो सिर्फ हमारी होती है. अगर कंपनी को अपना एड करना है तो उसके कुछ और तरीके खोजे जा सकते हैं."

-कनिका तोमर, कस्टमर

"किसी की कॉलर टोन बहुत अच्छी होती है और उसे पूरी सुनने का मन करता है. मगर बीच में न जाने क्या-क्या सुना दिया जाता है और हम मजबूर होकर वो सुनते हैं. ये गलत है."

-प्रीति जैन, कस्टमर