आगरा. शिक्षक भर्ती में फर्जी अध्यापकों की शिकायत की गई है. शिकायत पर कई शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है, तो कई के विरुद्ध गहनता से जांच चल रही है. मंगलवार को बीएसए कार्यालय एसीएम तृतीय और चतुर्थ पहुंचे. जिन शिक्षकों फर्जी बताया गया है, उनसे संबंधित दस्तावेज जुटाए हैं. इस कार्रवाई से शिक्षकों में खलबली मची हुई है.

72 और 15 हजार वाली भर्ती का है मामला

72 और 15 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी. जिनमें से 241 अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षक बन गए थे. इनकी जांच पड़ताल शुरू हुई तो टीईटी और अन्य दस्तावेज फर्जी लगाए थे. बीएसए का कहना है कि इन फर्जी शिक्षकों की सूची प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए सौंप दी है, लेकिन अभी तक इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक इनके विरुद्ध इसलिए कार्रवाई नहीं की जा रही कि इनके साथ ही विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी लपेटे में आ जाएंगे.

सात की कर दी थी सेवा समाप्त

सात शिक्षकों की टीईटी और अन्य दस्तावेज फर्जी होने की शिकायत पर सेवा समाप्त कर दी थी, जिनमें से विवि से हुई जांच के आधार पर पांच शिक्षको बहाल कर दिया गया. दो के विरुद्ध अभी भी कार्रवाई चल रही है. जिनकी जांच पड़ताल के लिए बीएसए कार्यालय एसीएम पहुंचे थे, लेकिन बीएसए के न मिलने के कारण जांच पड़ताल फिर से अधूरी रह गई.