- शनि की क्रूर दृष्टि करती है हानि, जिससे बचने के लिए मुहूर्त पर बांधे राखी

Meerut:: शनि की क्रूर दृष्टि हानि करती है, ऐसे ही शनि की बहन भद्रा का प्रभाव भी नुकसान करता है. रावण ने भद्रा काल में सूर्पनखा से रक्षासूत्र बंधवा लिया, परिणाम यह हुआ की उसी वर्ष में उसका कुल सहित नाश हुआ. भद्रा की क्रूर दृष्टि से कुल में हानी होने की सम्भावना बढ़ती है इसलिए ज्योतिष व पंडित भी भद्रा काल में रक्षासूत्र (राखी) न बांधने की ही सलाह दे रहे हैं.

दोपहर 1:53 तक है भद्राकाल

29 अगस्त को दोपहर 1-53 तक भद्रा काल है, इसके बाद ही राखी बांधने की सलाह दी जा रही हैं. भद्रा का साया दोपहर 1:53 बजे तक है जिसके बाद से राखी बांधी जाएगी. पंडित राजेश शर्मा के अनुसार रक्षा बंधन पर इस वर्ष बहन को भाई की कलाई पर स्नेह की डोर बांधने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा. राखी बांधने के लिए शुभ समय दोपहर 1.53 बजे बाद होगा. श्रावणी पूर्णिमा पर इस बार श्रावण नक्षत्र भी नहीं रहेगा.

कैसे बांधे राखी बहनें

ज्योतिष भारत ज्ञान भूषण के अनुसार जहां भी रक्षाबंधन बनाया जा रहा है वातावरण शांति व उल्लास का तो हो ही साथ ही स्वच्छता व शुद्धता भी हो. इस दिन बहन पूजा की थाली में राखी के साथ रोली, चावल, मिष्ठान तो रखें ही साथ ही प्रज्ज्वलित दीपक भी रखें. सुगंध के लिए इत्र या धूप का प्रयोग करें तथा बहन को स्वयं उत्तर की तरफ मुख करके बैठना चाहिए. भाई को मुख पूर्व की तरफ करके बैठना चाहिए.