आगरा। अवैध रूप से बॉर्डर पार कर भारत में दाखिल हुआ बांग्लादेशी परिवार आगरा में झोपड़ी बनाकर रह रहा था। शहर के बाहरी इलाके में रह रहे इस परिवार की खुफिया एजेंसियों को जानकारी हुई। इसके बाद सदर पुलिस ने बांग्लादेशी पति-पत्‍‌नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। इनसे आगरा के पते का आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। एटीएस ने भी पकड़े गए बांग्लादेशियों से कई घंटे पूछताछ की।

बांग्लादेश के जसर में अभोईपुर निवासी 42 वर्षीय सईदुल इस्लाम उर्फ डोनार अपनी पत्‍‌नी 39 वर्षीय मुनारा बेगम और 15 वर्षीय बेटे रविबुल व एक छोटे बेटे के साथ 13 वर्ष पहले भारत आया था। पश्चिम बंगाल से नदी के रास्ते दाखिल हुए थे। चार-पांच दिन कोलकाता में रहने के बाद वे कबाड़ ठेकेदार के बुलाने पर ट्रेन से आगरा आ गए। सदर के रोहता नहर के पास झोपड़ी डालकर रहने लगे। यहां उन्होंने सदर के वेद नगर के पते पर आधार कार्ड भी बनवा लिया। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के डर से वे कभी मध्यप्रदेश चले जाते तो कभी यहां आकर रहने लगते।

अब एलआइयू की सूचना पर सदर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। परिवार में एक छोटा बेटा और था। वह बीस दिन पहले ही बांग्लादेश वापस चला गया। बांग्लादेशी परिवार के पकड़े जाने के बाद एटीएस टीम ने भी कई घंटे पूछताछ की। गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विदेशी अधिनियम के साथ-साथ, कूट रचित दस्तावेज तैयार करना, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर सदर कमलेश सिंह ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी उनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

12 हजार में पार किया था बांग्लादेश का बॉर्डर

बांग्लादेशी नागरिक सईदुल इस्लाम उर्फ डोनार अपनी पत्‍‌नी मुनारा बेगम और दो बेटों के साथ 13 वर्ष पहले बॉर्डर पर आया था। वहां से दलाल ने छह हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से लिए। पति-पत्‍‌नी से 12 हजार रुपये लेकर उसे पश्चिम बंगाल में दाखिल करा दिया। चार-पांच दिन कोलकाता में रहने के बाद वह परिवार के साथ आगरा आ गया। यहां उसके जिले का ही कबाड़ ठेकेदार नूरुल रहता था। उसने वेद नगर बस्ती में उसे जगह दे दी। दिसंबर 2014 में धर्मातरण को लेकर सुर्खियों में आई इस बस्ती में रहने वाले लोगों के वेरीफिकेशन को पुलिस पश्चिम बंगाल गई थी। तभी रातों रात यहां रहने वाले बांग्लादेशी गायब हो गए। सईदुल भी इन्हीं में से एक था। उसके पास मिले आधार कार्ड में यहीं का पता लिखा है। यह आधार कार्ड उसने 24 परगना पश्चिम बंगाल के पहचान पत्र के आधार पर बनवा लिया था। खुफिया एजेंसियों को पूछताछ में भी उसने यह जानकारी दी। अब पुलिस ठेकेदार की तलाश कर रही है। वह वर्तमान में ग्वालियर में बताया गया है। वहां भी पुलिस की टीम जाएगी।

अच्छी ¨हदी बोल लेता था छोटा बेटा

सईदुल इस्लाम का छोटा बेटा बांग्ला के साथ-साथ अच्छी ¨हदी बोल लेता था। जैसे ही बांग्लादेशियों पर सख्ती की खबरें मीडिया में आने लगीं, वह जाने की तैयारी में लग गया। बीस दिन पहले वह अवैध रूप से बार्डर पार करके वापस बांग्लादेश चला गया।

Posted By: Inextlive

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