- एमएचआरडी ने एआईसीटीई से संबंद्ध कॉलेज में कौशल विकास केंद्र खोलने की दी अनुमति

- इन कॉलेजों में एक लाख स्टूडेंट्स को किया जाएगा ट्रेंड

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW : मानव संसाधन विकास मंत्रालय एमएचआरडी ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन एआईसीटीई से संबंद्ध कॉलेजों को कौशल विकास केंद्र खोलने को हरी झंडी दे दी है. एआईसीटीई की मंजूरी मिलने के बाद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी एकेटीयू के 191 कॉलेजों को यह केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है. इसके लिए एमएचआरडी फंड भी जारी करेगा. इन इंजीनियरिंग कॉलेजों में पांचवीं और आठवीं पास गरीब युवाओं को हुनरमंद बनाने की क्लास शुरू की जाएगी. इन कोर्स में एडमिशन के बाद पहला बैच एक अक्टूबर से शुरू होगा जबकि दूसरा बैच एक जनवरी 2019 से शुरू होगा. इन केंद्रों में चलने वाले सभी कोर्स तीन महीने के होंगे.

फर्जीवाड़ा रोकने को प्राइवेट केंद्रों से किया किनारा

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में चल रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार ने प्राइवेट केंद्र खोलने से किनारा करने का मना बना लिया है. ऐसे में अब इंजीनियरिंग कॉलेजों को केंद्र चलाने का मौका दिया गया है.

191 में से 181 को केंद्र खोलने की मिली अनुमति

करीब तीन माह पहले एमएचआरडी ने इसके लिए एआईसीटीई के सामने इसका सुझाव मांगा था. एआईसीटीई ने इसके लिए कॉलेजों को आवेदन करने को कहा था, जिसमें एकेटीयू के 191 कॉलेजों ने इसके लिए आवेदन किया था. एआईसीटीई ने जांच के बाद 181 कॉलेजों को केंद्र खोलने के लिए मान्यता दी है. सभी कॉलेजों को अलग-अलग ब्रांच में कोर्स चलाने की अनुमति दी गई है.

कॉलेज के खाते में भेजे जाएंगे पैसे

कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षण के लिए युवाओं को कोई भी फीस नहीं देनी होगी. यह कोर्स पूरी तरह से निशुल्क रहेगा, लेकिन कॉलेजों को इसके लिए सरकार पैसा देगी. एमएचआरडी से डायरेक्ट एआईसीटीई के माध्यम से कॉलेज के खाते में प्रति छात्र 10 से 12 हजार रुपए प्रति माह भेजे जाएंगे. कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षण के लिए छात्र को किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है. इन केंद्रों में युवा जिस फील्ड में खुद को निखारना चाहते हैं उसमें प्रशिक्षण ले सकते हैं. युवाओं को पढ़ाई के साथ साथ पचास फीसदी प्रैक्टिकल पर जोर दिया जाएगा. इस केंद्र को चलाने का उद्देश्य यह है कि ऐसे युवा जिनके पास अनुभव तो हैं, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं हैं, ऐसे युवाओं को मुख्य रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. इन कॉलेजों को जिम्मेदारी भी होगी कि वह ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को रोजगार भी दिलाएं, जिससे की सरकार का सपना परवान चढ़ सके.

इन चीजों की कराई जाएगी ट्रेनिंग

आईटी सेक्टर के अलावा, डाटा एंट्री आपरेटर, डोमेस्टिक बायो मैट्रिक, डाटा ऑपरेटर, सिविल कंट्रक्शन में फॉल्स सीलिंग, सर्वेयर, वायरमैन कंट्रोल पैनल, असिस्टेंट सर्वेयर, कम्प्यूटर यूपीएस रिपेयर, टेलीकॉम शाखा में नेटवर्क इंजीनियर, टॉवर, ऑटोमेटिव एमई, ले ऑपरेटर, ऑटो कंपोनेंट, एसी स्पिंट, सीएनसी ऑपरेटर, प्लबिंग आदि कोर्स शुरू होंगे.

कोट

एआईसीटीई ने हमारे करीब दो सौ कॉलेजों को यह केंद्र खोलने की मंजूरी दी है. कुछ कॉलेजों में पहले से यह कोर्स अपने लेवल पर संचालित होता आ रहा था. वह भी एआईसीटीई के माध्यम से ही संचालित होंगे.

प्रो. विनय कुमार पाठक, वीसी, एकेटीयू