-रोडवेज बस ड्राइवर्स की ऐल्कोमीटर से की गई चेकिंग, कोई भी नशे में नहीं मिला

-सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आदेश पर शुरू किया गया अभियान

बरेली. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने रोडवेज बसों से सफर करने वाले पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए ड्राइवर्स की ऐल्कोमीटर से थर्सडे को चेकिंग की गई. अधिकारियों के चेकिंग अभियान से ड्राइवर्स में हड़कंप मचा रहा. अधिकारियों ने बस स्टॉप के साथ ही रास्ते में बसों को रोककर ड्राइवर्स की ऐल्कोमीटर से जांच की. हालांकि इस दौरान कोई भी ड्राइवर नशे में नहीं पाया गया. वहीं अधिकारियों का कहना है कि आगे भी अभियान चलाकर चेकिंग होती रहेगी.

15-20 ड्राइवर्स की हुई चेकिंग

बस स्टेशन पर यह जांच रेंडम तौर पर की जा रही है. बरेली डिपो के सेंटर इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे दिन में 15-20 ड्राइवर्स की ऐल्कोमीटर से जांच हो रही है. इसके बाद रास्ते में बसों को रोककर ऐल्कोमीटर से ड्राइवर्स की जांच टिकट चेकिंग के दौरान की जा रही है.

क्यों पड़ी जरूरत

रोडवेज बसों से हो रहे हादसों को लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सभी बस स्टेशन पर अधिकारियों को ऐल्कोमीटर दिए हैं जिससे ड्राइवर अगर शराब पीकर वाहन चलाए तो तुरंत पकड़ा जा सके. रोडवेज बसों के ड्राइवर के नशे में होने की वजह से पहले कई हादसे हो चुके हैं. इसको देखते हुए ही प्रशासन ने अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है जिससे हादसों में कमी आए.

ऐसे काम कर रहा ऐल्कोमीटर

ऐल्कोमीटर के माउथकप ड्राइवर्स को फूंकने के लिए कहा जाता है. उनके फूंकने ही ऐल्कोमीटर में नशे का परसेंट शो होने लगता है. यदि इस दौरान बीप की आवाज आई तो ड्राइवर्स के नशे में होने की पुष्टि हो जाती है. इसके बाद ऐल्कोमीटर दिए गए ऑप्शन में ड्राइवर्स के नाम, गाड़ी, नंबर, लाइसेंस नंबर आदि फीड कर करना होगा.

वर्जन

बस स्टेशन पर भी ड्राइवर्स की ऐल्कोमीटर से जांच की जा रही है. यह जांच रेंडमतौर पर की जाती है. ताकि ड्राइवर्स में भय बना रहे और वे नशे में गाड़ी लेकर न जाए.

-चीनी प्रसाद, एआरएम बरेली डिपो