न्यायिक कार्य प्रवाहित, रोस्टर में बदलाव का विरोध

बार एसोसिएशन के चुनाव पर नहीं पड़ेगा असर, एक को मतदान

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इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. यह सिलसिला शुक्रवार को दोपहर बाद शुरू हो गया. वकीलों ने यह फैसला नई रोस्टर प्रणाली लागू किये जाने के विरोध में लिया है. एल्डर कमेटी द्वारा बुलाई गयी आम सभा ने प्रस्ताव पास किया कि बार की कार्यकारिणी के गठन के बाद विश्वास में लेकर इसे लागू किया जाय. तब तक स्थगित रखा जाय. आम सभा ने रोस्टर स्थगित किये जाने तक हड़ताल पर रहने का एलान किया है. तय किया गया कि कार्यकारिणी चुनाव के लिए मतदान अपने निर्धारित तिथि एक फरवरी को ही होगा.

लखनऊ खण्डपीठ में बदलाव क्यों नहीं

एल्डर कमेटी के चेयरमैन वरिष्ठ अधिवक्ता वीसी मिश्र की अध्यक्षता में हुई बार की आम सभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रदेश में एक हाई कोर्ट है. प्रधान पीठ इलाहाबाद और लखनऊ में खण्डपीठ है. जब प्रदेश में एक हाई कोर्ट है तो सीआईएस हो या रोस्टर, बदलाव लखनऊ में न कर केवल इलाहाबाद में ही क्यों किये जाते हैं. बार कार्यकारिणी के चुनाव के चलते बार की प्रशासनिक शक्ति एल्डर कमेटी में निहित है. कमेटी को विश्वास में लिए बगैर रोस्टर चेन्ज करना सही नहीं है.

चीफ जस्टिस से बातचीत बेनतीजा

चेयरमैन श्री मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता एनसी राजवंशीय, एबीएल गौड़ एल्डर कमेटी सदस्य के साथ पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडेय बबुआ ने शुक्रवार की सुबह चीफ जस्टिस से बातचीत की किन्तु संतोषजनक जवाब न मिलने पर आम सभा बुलायी गयी. जिसने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया है. बार का मानना है कि नयी कार्यप्रणाली को विश्वास में लेकर रोस्टर प्रणाली लागू की जाय. न्यायालय प्रशासन मनमाने निर्णय लेकर बार पर न थोपे. बार की आम सभा के प्रस्ताव के बाद न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ. शाम चार बजे एल्डर कमेटी के चेयरमैन बीसी मिश्र ने चुनाव तैयारियों के लिए बैठक की, और एक फरवरी को हड़ताल जारी रहने की स्थिति में भी चुनाव सम्पन्न कराने का संकल्प लिया.