चुनाव याचिका के निर्णय पर निर्भर होगा नगर पालिका परिषद का परिणाम

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नगर पालिका परिषद भदोही को पिछड़ा वर्ग घोषित करने के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है और कहा है कि आरक्षण के आधार पर होने वाला चुनाव याचिका के निर्णय पर निर्भर होगा. कोर्ट ने कहा कि नगर पालिका की आबादी 2011 की जनगणना व अक्टूबर 2017 में हुए रैपिड सर्वे में 74522 से बढ़कर 94620 हो गयी. इसमें पिछड़े वर्ग की आबादी 28315 से बढ़कर 64628 बताया गया है. कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया सर्वे वास्तविक न होकर मैकेनिकल तरीके से किया गया है. याचिका की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी.

यह आदेश जस्टिस तरुण अग्रवाल तथा अजय भनोट की खंडपीठ ने राजेश कुमार गुप्ता की याचिका पर दिया है. 12 अक्टूबर 2017 को जारी अधिसूचना से भदोही नगर पालिका परिषद को पिछड़ा वर्ग घोषित कर दिया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि गिरधारी लाल केस में कोर्ट ने 16 अगस्त 2017 के आदेश से रैपिड सर्वे 21 अक्टूबर तक पूरा करने तथा 25 अक्टूबर 2017 तक अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था. जिस पर यह सर्वे किया गया है. पिछले चुनाव में नगर पालिका परिषद भदोही आरक्षित नहीं थी. पिछड़े वर्ग की आबादी अधिक दिखाते हुए इस बार पिछड़ा वर्ग घोषित किया गया है. याचिका में गलत सर्वे के आधार पर आरक्षित करने की वैधता को चुनौती दी गयी है.