पीए ने जारी किया आर्डर, डायरेक्टर एडमिशन व परीक्षा नियंत्रक को सौंपा काम

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ALLAHABAD: आखिरकार जिसकी पृष्ठभूमि तैयार हो रही थी, हुआ भी ठीक वैसा ही. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार भारतीय सेना से रिटायर्ड कर्नल हितेश लव को उनके पद से हटा दिया गया है. रजिस्ट्रार का काम इविवि के डायरेक्टर एडमिशन और परीक्षा नियंत्रक के पद पर पहले से तैनात प्रोफेसर एचएस उपाध्याय को सौंप दिया गया है. रजिस्ट्रार को हटाने का आदेश कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के पीए एमपी निराला की ओर से जारी किया गया है. इसकी पुष्टि रजिस्ट्रार हितेश लव ने की है.

ऐसी भी क्या जल्दी थी

रजिस्ट्रार ने इस कार्रवाई की बावत कहा है कि उन्हें साजिशन हटाया गया है. अभी उन्होंने अपना चार्ज सौंपा भी नहीं और प्रो. एचएस उपाध्याय ने फाइलों पर सिग्नेचर करना शुरू कर दिया है. बता दें रजिस्ट्रार की कुलपति, चीफ प्रॉक्टर व अन्य से कई दिनों से तनातनी चली रही थी. रजिस्ट्रार ने पूर्व में एडीजी समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर खुद के हत्या की आशंका भी प्रकट की थी.

यहां से शुरू हुआ विवाद

- कटोधन फतेहपुर निवासी एक वकील और उसके साथ आए करीब 15 लड़कों ने 10 मई और 16 मई को कार्यालय में घुसकर रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव को धमकाया. तोड़फोड़ का भी आरोप है.

- कुलपति व कुलानुशासक कार्यालय में वकील द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया. इसमें वकील का कहना था कि उसने रजिस्ट्रार को प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि विवि में आरक्षण के मुताबिक भर्तियां की जाएं.

- वकील ने रजिस्ट्रार पर गालियां देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया.

रजिस्ट्रार ने साजिश का लगाया आरोप

- वकील की ओर से मिली कंपलेन को चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएस दुबे द्वारा कुलपति को अग्रसारित किया गया.

- इसमें चीफ प्रॉक्टर ने सूचित किया कि संबंधित वकील ने रजिस्ट्रार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

- चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक उन्होंने इस विषय पर रजिस्ट्रार से जानकारी लेने की कोशिश की. लेकिन उनकी ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई.

- रजिस्ट्रार का कहना था कि उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है. उनका इशारा चीफ प्रॉक्टर की तरफ था. यह भी कहना था कि प्रॉक्टर बाहरी लोगों को क्यों एंटरटेन कर रहे हैं?

- रजिस्ट्रार का कहना था कि भर्तियों में बहुत गड़बडि़यां उजागर हुई हैं. ऐसे में कुछ लोग उन्हें विवि से हटाना चाह रहे हैं.

- उन्होंने कहा कि उन्हें तब से प्रताडि़त किया जा रहा है. जब से वे रजिस्ट्रार बनकर यूनिवर्सिटी में आए हैं.

सुरक्षा बढ़ाने का दावा

- रजिस्ट्रार के आरोपों के बाद 27 मई को विवि पीआरओ प्रो. हर्ष कुमार ने बयान जारी कर कहा कि रजिस्ट्रार की सुरक्षा कुलपति प्रो. आरएल हांगलू ने सुनिश्चित कर दी है.

- कुलपति के आदेश पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएस दुबे ने रजिस्ट्रार की सुरक्षा बढ़ा देने का पत्र जारी किया.

- चीफ प्रॉक्टर ने डीएम और एसएसपी को लिखे पत्र में बताया कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि रजिस्ट्रार को खुद की हत्या की आशंका है.

- प्रॉक्टर ने डीएम और एसएसपी से मांग की कि रजिस्ट्रार की हत्या की योजना बनाने वाले को ट्रेस किया जाए.

आटा-आक्टा ने हटाने की मांग की

- बात यहीं खत्म नहीं हुई चीफ प्रॉक्टर के अलावा इविवि अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रो. आरएस दुबे और इविवि संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (आक्टा) की बैठक हुई.

- इसमें आटा और आक्टा के चुनिंदा पदाधिकारियों ने कहा कि रजिस्ट्रार शिक्षक भर्ती के लिए संभावित चयन समितियों को प्रभावित करने के मद्देनजर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं.

- पदाधिकारियों ने कहा है कि रजिस्ट्रार लगातार विवि और महाविद्यालयों के विकास कार्यो में अवरोध पैदा कर रहे हैं.

- अनेकों मामले में कुलपति के आदेश के बावजूद रजिस्ट्रार के अवरोध के कारण फाइलें अटकी पड़ी हैं.

- कुलपति के संज्ञान के बगैर सीधे प्रशासन को पत्र लिखने, यूजीसी आडिट रिपोर्ट को विवि के उपर्युक्त निकायों में न रखने को ऑफिसिएल सिक्रेट एक्ट का उल्लंघन बताया गया.

- बैठक में रजिस्ट्रार के पिछले सात माह में किए गए कार्यो की समीक्षा तथा उनसे सभी कार्य वापस लेने की मांग की गई.

कुलपति के पीए की ओर से आर्डर जारी होना आश्चर्यजनक है. मुझसे रजिस्ट्रार का काम नियम विरूद्ध तरीके से लिया गया. इसके पीछे एक मात्र उद्देश्य भर्तियों को मनमाने ढंग से पूरा करना है. मुझे आगे क्या करना है, इसपर विचार कर रहा हूं.

हितेश लव, रजिस्ट्रार इविवि