इविवि वीसी से जुड़े स्क्रीन शॉट व ऑडियो टेप मामले की सत्यता तलाशने के लिए बनी थी जांच कमेटी

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ALLAHABAD: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर रतन लाल हांगलू के प्रकरण में गठित जांच कमेटी को साक्ष्य सौंपने की मियाद सैटरडे को समाप्त हो गई. अंतिम दिन इविवि द्वारा यह साफ नहीं किया जा सका कि जांच कमेटी को जो साक्ष्य सौंपे गए हैं वे वीसी के पक्ष में हैं या उनपर लगे गंभीर आरोपों से जुड़े वहीं साक्ष्य हैं जिनको लेकर हंगामा मच चुका है. विवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार ने बस इतना कहा है कि नोडल ऑफिसर देवेश गोस्वामी को इस मामले में जो भी साक्ष्य मिले हैं. उन्होंने उसे रिटायर्ड जस्टिस अरूण टंडन को सौंप दिया है.

छात्रनेताओं का अनशन जारी

उधर, कार्यवाहक कुलपति द्वारा स्थाई कुलपति की जांच के लिए गठित कमेटी के विरोध में विवि के बाहर क्रमिक अनशन कर रहे छात्रनेताओं ने कहा है कि जांच समिति को किसी छात्र या कर्मचारी ने कोई भी सबूत नहीं दिया है. क्योकि जांच कमेटी गठित करने वाले प्रो. केएस मिश्रा का वरिष्ठता क्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा चुका है. वहीं नोडल अधिकारी स्वयं ही प्रोबेशन पीरियड पर हैं. वह भी स्थाई कुलपति की कृपा पर निर्भर हैं. अनशन में रजनीश सिंह रिशू, दिनेश सिंह यादव, विकास तिवारी, श्याम प्रकाश पांडेय, अजित कुमार, गौरव तिवारी, अजय सोनकर, सूर्य प्रकाश मिश्रा, अभिषेक यादव, अभिजीत पाल, अरविन्द सरोज आदि उपस्थित थे.

छह दिन का दिया था समय

गौरतलब है कि इविवि के कुलपति का प्रभार संभाल रहे प्रोफेसर केस मिश्रा ने 20 सितम्बर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति अरुण टंडन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया था. यह जांच कमेटी हाल के दिनों में हुए विवाद की गहराई से जांच करेगी. ज्ञात हो कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया में एक व्हाट्सएप चैट और ऑडियो क्लिप को लेकर विवि में तनाव का माहौल बना हुआ है. न्यायमूर्ति अरुण टंडन की इस उच्च स्तरीय जांच कमेटी के नोडल ऑफीसर विवि में असिस्टेंट रजिस्ट्रार देवेश गोस्वामी बनाए गए हैं. कहा था कि जिन लोगों के पास इस प्रकरण से जुड़े हुए दस्तावेज हैं वे 24 से 29 सितंबर तक विवि अतिथि गृह में आकर संबंधित सामग्री दे सकते हैं.

स्थापना दिवस में नहीं पहुंचे हांगलू

इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन कुमार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि वीसी जांच जारी रहने तक कुलपति कार्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे तथा अवकाश पर रहेंगे. वीसी प्रो. हांगलू अपने अवकाश पीरियड में कोई भी निर्णय नहीं ले सकेंगे और न ही उनका विवि की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार से कोई हस्तक्षेप होगा. इस बात की भी जानकारी पीआरओ ने दी थी. इसके बाद वीसी प्रो. हांगलू सीनेट हाल में हुए स्थापना दिवस में भी शामिल नहीं हुए थे.