नेपाल और उत्तर भारत में आये भूकंप के बाद से ही अफवाहों का बाजार गर्म है. जिसे देखो वही सोशल नेटवर्किंग साइट्स और चैटिंग ऐप्स पर ज्ञान की गंगा बहा रहा है. बिना सोचे-समझे लोग मैसेज और पोस्ट्स फॉरवर्ड कर दे रहे हैं. इससे पैनिक क्रिएट हो रहा है. इसलिए सभी को चाहिए कि इन अफवाहों से बचें और लोगों को भी बचाएं. सोमवार को शहर में कैसी-कैसी अफवाहें फैलीं? जानिये अंदर के पेज पर.

-नेपाल और उत्तर भारत में आये भूकंप के बाद हर ओर गर्म है अफवाहों का बाजार

-सोशल नेटवर्किंग साइट्स और वॉट्सऐप पर आ रहे हैं तरह-तरह के खौफ फैलाने वाले मैसेज

-भूकंप के झटकों से ज्यादा अफवाहों से परेशान हैं लोग, रात सड़कों पर काटने पर हैं मजबूर

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VARANASI : इन दिनों भूकंप के झटकों से ज्यादा अगर कोई चीज लोगों को परेशान किए हुई है तो वह है अफवाह. कभी फिर से भूकंप आने की भविष्यवाणी की अफवाह तो कभी चांद के उल्टा हो जाने से आने वाली प्रलय की संभावनाओं को लेकर उड़ रही अफवाह. इसके अलावा भी कुछ अफवाहें ऐसी चल रही हैं, जिनसे पब्लिक की नींद उड़ी हुई है और रात को लोग घरों से निकलकर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर मजबूर हैं. हालांकि सरकार ने भी उड़ रही इन अफवाहों को कंट्रोल में करने के लिए हर जिले के ऑफिसर्स को अफवाह फैलाने वाले लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके बाद भी सोशल साइट्स और चैट ऐप्स पर अफवाहों का बाजार गर्म है.

सोशल साइट्स बढ़ा रही है टेंशन

नेपाल में आये भूकंप के बाद भारत में लगे झटकों के बाद अब हर कोई हर वक्त डरा डरा सा महसूस करने लगा है. घरों में मौजूद लोग अपने बेड के हिलने का डर महसूस कर रहे हैं तो ऑफिसेज में काम कर रहे लोग टेबल और कुर्सी के डगमगाने के भ्रम में परेशान हैं. लोगों के इस भ्रम को यकीन में बदलने का अगर कोई काम कर रहा है तो वह हैं सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एक्टिव लोग. भूकंप आने की संभावनाओं और क्0 से भी ज्यादा रियेक्टर स्केल पर आने वाले भूकंप की आशंका को लेकर फेसबुक वॉल इन दिनों पटा हुआ है. वहीं वॉट्सऐप पर भी लोग भूकंप को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं.

और भी हैं अफवाहें

ऐसा नहीं है कि भूकंप आने के बाद सिर्फ इसी को लेकर चर्चाओं का बाजार चढ़ा है. बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के और भी रूपों को लेकर लोग अफवाहें फैलाने से नहीं चूक रहा है. इस साल लगातार हुई बारिश से बर्बाद हुई फसलों के बाद लोग बारिश, ओलो के गिरने से लेकर चांद के उल्टा होने और उससे होने वाले कहर को लेकर भी अफवाहें फैलाने से नहीं चूक रहे हैं. वॉट्सऐप पर तो लोग नासा से आये एक स्पेशल मैसेज का हवाला देते हुए लोगों को आगाह कर रहे हैं कि देर रात एक हाई रेंज की किरणें पृथ्वी से गुजरेंगी जो बड़ा नुकसान करेंगी. जबकि ऐसा कुछ नहीं है और इन मैसेजेज का सच सिर्फ मैसेजेज तक ही सीमित है और इनका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है.

अफवाहें कर रही हैं हैरान

- नेपाल भारत में आये भूकंप के बाद हर ओर अफवाहें चल रही हैं

- कोई भूकंप फिर से आने की भविष्यवाणी कर रहा है तो कोई इसकी तीव्रता क्ब् रियेक्टर तक होने की संभावना बताकर डर बढ़ा रहा है

- भूकंप के कारण होने वाले नुकसान की संभावना को लेकर भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं

-बरसात और ओला गिरने से होने वाले नुकसान को लेकर भी लोग अफवाहें फैला रहे हैं

- चांद के उल्टा होने और रंग बदलने तक की अफवाह फैलाकर लोग डर फैला रहे हैं

- चांद का आकार बदलने से इसका असर जलजले और कहर के रूप में गिरने की अफवाहें फैलाकर लोग पब्लिक को डरा रहे हैं

- नासा के मैसेज का हवाला देकर खतरनाक किरणों के पृथ्वी के पास से गुजरने और इससे होने वाले नुकसान की अफवाहें भी मोबाइल फोन पर चल रही हैं

प्लीज आप रहे अलर्ट

- फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर आ रहे अफवाहों के मैसेजेज को इग्नोर करे

- इन मैसेजेज की सत्यता का पहले परखें फिर इसे किसी और को फॉरवर्ड करें

- देखने में आ रहा है नेपाल त्रासदी के बाद लोग केदारनाथ तबाही की फोटोज को भी फेसबुक पर अपलोड कर अफवाह फैला रहे हैं

- फेसबुक पर भूकंप को लेकर क्0 से ज्यादा तीव्रता के भूकंप फिर से आने के मैसेज चल रहे हैं जो फाल्स हैं

- क्योंकि जानकारों का मानना है कि भूकंप की तीव्रता क्0 रियेक्टर स्केल तक ही होती है

- इससे तेज भूकंप आना संभव नहीं है क्योंकि नौ रियेक्टर स्केल पर सुनामी आने की डर होता है

- चांद के उल्टा होने की बातों को भी ज्योतिषशास्त्र गलत बता रहा है

- ज्योतिषों का मानना है कि चांद हर सप्तमी और अष्टमी तिथि को इसी रूप में रहता है

- नासा के मैसेज का भी खंडन खुद नासा की साइट्स पर किया जा चुका है

- इसलिए भूकंप, चांद के उल्टा होने, चांद के रंग बदलने, बादलों के दूसरे रूप में बनने और नासा के मैसेज आने पर इसे सच न मानें

- सबसे जरूरी है कि इन मैसेजेज को किसी और को फारवर्ड न करें और किसी से इसका बेवजह जिक्र न करें

- इससे अफवाह फैलती है और जान माल की क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है

इन बातों का रखें ध्यान

- अफवाहों पर ध्यान न दें

- भूकंप आने पर थोड़ा सुकून से काम लें

- झटके महसूस हों तो सबसे पहले मैदान की ओर भागें

- घर पर सिलिंडर का नॉब और मेन स्विच ऑफ करके घर से बाहर निकलें

- झटकों के महसूस होने पर खिड़की दरवाजे बंद न रखें

- इनको तुरंत खोल दें

- घर में ग्लास के ऊपर चम्मच रखें क्योंकि झटके आने चम्मच गिर जायेगा

- बड़े बर्तन में पानी भरकर रखें जब पानी में कंपन होने लगे तो अलर्ट हो जायें

- रात में पंखे से किसी तरह की आवाज आने पर भूकंप को लेकर हो जाएं अलर्ट

अफवाह फैलाया तो जा सकते हैं जेल

भूकंप से लेकर और चीजों पर चल रही अफवाहें ऐसा करने वालों को जेल भी भेज सकती है क्योंकि अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है. इस बारे में सीनियर एडवोकेट नीलकंठ तिवारी का कहना है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा क्भ्ख्, क्भ्फ् और ख्9भ् के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसके तहत अफवाह फैलाने वाले पर कोर्ट फाइन की कार्रवाई तो कर ही सकता है साथ में एक माह से छह माह तक की जेल का भी प्रावधान है. वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह का कहना है कि चांद का आकार बदलना या रंग बदलना या फिर किसी भी धर्म को लेकर उड़ाने वाली अफवाह में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनन सख्त कार्रवाई हो सकती है.

लोगों को इस वक्त मिल जुल कर काम करने की जरूरत है. आपदा के वक्त सभी को साथ रहना चाहिए न कि अफवाहें फैलाकर परेशानी बढ़ानी चाहिए. ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

जोगेन्द्र कुमार, एसएसपी