जमशेदपुर (ब्यूरो)। दक्षिण पूर्व रेलवे के ट्रेन परिचालन पर भी कोहरे का असर पड़ने लगा है। खास तौर पर पंजाब, नयी दिल्ली, कानपुर, जयपुर, लखनऊ से आने वाली ट्रेनों पर इसका असर दिखाई देने लगा है। जिसको देखते हुए ट्रेन संख्या 22857 सांतरागाछी-आनंदविहार साप्ताहिक एक्सप्रेस 16 दिसंबर से 27 जनवरी तक रद कर दिया गया है। जबकि ट्रेन संख्या 22858 आनंदविहार-सांतरागाछी एक्सप्रेस को 17 दिसंबर से 28 जनवरी तक रद कर दिया गया है।

स्पीड 60 किमी प्रति घंटे

दक्षिण पूर्व रेलवे ने कोहरे में सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए अहम कदम उठाए है। रेलवे बोर्ड ने यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घने कोहरे में ट्रेनों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं रखने का निर्देश दिए गए है। कुहासे कम होने पर या सिगनल दिखाई देने की अवस्था में ट्रेनों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ाई जा सकती है। लेकिन यह लोको पायलट के निर्णय के अधीन होगा। इंजन में कोहरे के लिए सुरक्षित उपकरण भी लगाये गए है।

चेतावनी को बार-बार बजाएं सीटी

लोको पायलटों को यह भी सलाह दी गई है कि वे निकटवर्ती गेटमैन और रेलवे फाटक पार करने वालों को चेतावनी देने के लिए बार बार सीटी बजाएं। निर्धारित गति से ज्यादा ट्रेन की गति नहीं हो इस पर नजर रखने के लिए गार्ड को निर्देश दिए गए है। घने कोहरे में ट्रेन की अंतिम डिब्बे को देखने के लिए चमकने वाली रेड टेल लैंप लगाने का निर्देश दिए गए है। जिससे लोको पायलट को यह समझ में आ जाये कि सामने ट्रेन है।

फुट प्लेट निरीक्षण करने का आदेश

ठंड के मौसम मे ट्रेक चटकने वाली घटनाओं पर दिन रात निगरानी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित ट्रैकमैन और कीमैन को तैनात किया गया है। रेलवे के वरीय अधिकारियों और सुरक्षा सलाहकारों को काउंस¨लग के जरिए चलकों को जागरूक करने को भी कहा गया है। साथ ही रेल अधिकारियों को औचक निरीक्षण के साथ फुट प्लेट निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। ट्रेन संचालन में संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने को भी हिदायत दी गई है।

रेड टेल लैंप लगेंगे

घने कोहरे में ट्रेन की अंतिम कोच पर चमकने वाली रेड टेल लैंप लगाने के निर्देश रेलवे ने दिए हैं। ताकि ट्रेन के चालक सामने जा रही ट्रेन को देख सके।

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Posted By: Kishor Kumar

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