हालात बेकाबू देखते ही गोली मारने के आदेश

पृथक तेलंगाना गठन को कैबिनेट मंजूरी के बाद सीमांध्र में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. क्षेत्र में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं के मद्देनजर शनिवार देर रात विजयनगरम में कफ्र्यू लगा दिया गया. इसके बाद देखते ही गोली मारने के आदेश भी जारी कर दिए गए. बावजूद इसके रविवार को हर आदेश को धता बताकर संयुक्त आंध्र समर्थक विजयनगरम और जिले के दूसरे हिस्सों में सड़क पर उतरे और सुरक्षाबलों से भिड़ गए. इस दौरान हुई झड़पों में दर्जनों प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए. शनिवार को प्रदर्शनों के दौरान विजयनगरम में एक गुरुदारा क्षतिग्रस्त होने के बाद रविवार को हैदराबाद में सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया.

पुलिस ने चलाईं रबर की गोलियां

विजयनगरम के नजदीकी कोठपेटा क्षेत्र में पथराव कर रहे लोगों को खदेडऩे के लिए पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं. वहीं, पल्लीवेधी क्षेत्र में लाठीचार्ज किया गया. गुस्साए लोगों ने आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी. सत्यनारायण के परिवार द्वारा संचालित सत्या इंजीनियरिंग कॉलेज को निशाना बनाया. आंध्र प्रदेश गैर-राजपत्रित अधिकारी संगठन का 48 घंटे का बंद शनिवार रात खत्म हो गया. पिछले दो दिन में प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों वाहनों के साथ ही जिला केंद्रीय सहकारिता बैंक, एक कॉलेज और सत्यनारायण के परिवार द्वारा संचालित केबल नेटवर्क को आग के हवाले कर दिया. शनिवार को प्रदर्शनकारियों से झड़प में घायल हुए पुलिस उपाधीक्षक कृष्णा प्रसन्ना के साथ ही अब तक दो दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी जख्मी हो चुके हैं. क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

बिजली कर्मियों भी अनिश्चतकालीन हड़ताल पर

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसक घटनाओं में शामिल रहे 100 से ज्यादा संयुक्त आंध्र समर्थकों को हिरासत में लिया जा चुका है. रविवार को क्लॉक टॉवर और किला क्षेत्र में रेपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों ने मार्च किया. शनिवार से विजयनगरम में मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हालात काबू में हैं. हालांकि कुछ शरारती तत्व इंटरनेट और एसएमएस के जरिये प्रदर्शनों के दौरान तीन लोगों के मारे जाने की अफवाह फैला रहे हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है. इनमें कई से पूछताछ भी हो चुकी है.' मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने शरारती तत्वों से सख्ती के साथ निपटने का आदेश दे दिया है. वहीं, बिजली कर्मियों के अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जाने से सीमांध्र का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया है. हड़ताल के मद्देनजर कुछ ट्रेने भी रद कर दी गई हैं.

'प्रदर्शनकारियों ने कई दुकानों में लूटपाट की. एक बैंक को आग लगा दी. निजी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. लिहाजा, शनिवार देर रात कफ्र्यू के बाद गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए.'

-डीटी राव, पुलिस महानिरीक्षक

20 पुलिसकर्मी घायल व 30 लोग जख्मी

रविवार को कन्यकापरमेश्वरी मंदिर के नजदीक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कम से कम 30 लोग जख्मी हुए. घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. एक अन्य इलाके में भी पुलिस ने लाठियां भांजीं. एक कॉलोनी के बाहर पानी भर रही महिलाओं पर भी पुलिस ने लाठियां चलाईं. शनिवार से अब तक हुई झड़पों में तकरीबन 20 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं. शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने केएल पुरम क्षेत्र में कथित तौर पर एक गुरुद्वारे को नुकसान पहुंचाया. इससे गुस्साए सिखों ने रविवार को हैदराबाद में प्रदर्शन किया. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने घटना की निंदा की है. कुछ इलाकों में कफ्र्यू के आदेश जारी होने से अनजान लोग सामान्य दिनों की ही तरह सड़कों पर घूमते नजर आए.

Posted By: Subhesh Sharma

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