- सीबीआई ने अदालत में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट

- परिजनों के हत्या किए जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW : कर्नाटक कैडर के आईएएस अनुराग तिवारी की मृत्यु सड़क पर औंधे मुंह गिरने से हुई थी. बीस महीने पहले 17 मई को राजधानी के मीराबाई बाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस के सामने अनुराग तिवारी का शव मिलने के बाद जब सीबीआई ने उनकी मौत का राज जानने के लिए लखनऊ से लेकर बंगलुरु तक की खाक छानी और अंत में एम्स के डॉक्टर्स की रिपोर्ट के आधार पर इस नतीजे पर पहुंची कि 17 मई को सुबह 4.45 बजे बीमार हालत में गेस्ट हाउस से बाहर आए अनुराग को अचानक चक्कर आया जिससे सड़क पर मुंह के बल गिरने से वे बेहोश हो गये और सांस रुकने से थोड़ी देर में उनकी मृत्यु हो गयी. बुधवार को राजधानी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में इस मामले की जांच कर रही सीबीआई मुख्यालय की स्पेशल क्राइम-टू यूनिट ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी. वहीं अनुराग के परिजनों का कहना है कि सीबीआई ने जांच में तमाम अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया है और वे अदालत में क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने की अपील करेंगे.

नहीं सही पाए परिजनों के आरोप

सीबीआई ने अनुराग के परिजनों के उन आरोपों की तह तक जाने की कोशिश भी की जिसमें कर्नाटक में फूड स्कैम का खुलासा करने पर अनुराग की हत्या कराए जाने का शक जताया गया था. दरअसल अनुराग के परिजनों ने सीबीआई डायरेक्टर को तमाम दस्तावेज भेजे थे जिसमें इस घोटाले को हत्या की वजह बताया गया था. इन दस्तावेजों को खंगालने और करीब 350 से ज्यादा गवाहों को टटोलने के बावजूद सीबीआई को ऐसा कोई सुराग नहीं मिला. सामने आया कि अनुराग ने कथित फूड स्कैम को लेकर कर्नाटक सरकार के मुख्य सचिव, लोकायुक्त और एंटी करप्शन ब्रांच में कोई शिकायत नहीं की थी. सीबीआई ने अनुराग के सीनियर और जूनियर अधिकारियों, नौकरों, ड्राइवर, टाइपिस्ट, पूर्व पत्नी, तमाम आईएएस और आईपीएस बैचमेट, दोस्त और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की लेकिन ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा जिससे यह पता चलता हो कि अनुराग की हत्या की गयी. अनुराग के घर से मिले दस्तावेजों और एक पर्सनल डायरी में भी घोटाले का कोई जिक्र नहीं मिला. वहीं लैपटॉप और मोबाइल से भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल पाई.

एलडीए वीसी को भी क्लीन चिट

सीबीआई ने अपनी जांच में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए)) के वीसी प्रभु नारायण सिंह को भी क्लीन चिट दी है. बताते चलें कि सीबीआई ने अनुराग के बैचमेट पीएन सिंह से तीन बार पूछताछ की पर ऐसी कोई वजह भी नहीं मिली जिससे पीएन सिंह पर जांच एजेंसी का शक गहराता. वह केवल अनुराग के बैचमेट होने की वजह से रात में उनके कमरे में रुके थे. हालांकि पीएन सिंह के खिलाफ आई एक शिकायत के बाद उनसे तीसरी बार भी पूछताछ हुई पर इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला.

मौत की वजह सिंकोपल फॉल

सीबीआई ने अनुराग की मौत की वजह जानने के लिए करीब 12 मेडिकल टेस्ट कराए. एम्स के डॉक्टर्स का मेडिकल बोर्ड भी बना जिसने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों, फॉरेंसिक एक्सप‌र्ट्स और गवाहों से भी पूछताछ की.

मेडिकल रिपोर्ट

- अनुराग को डि-हायड्रेशन की शिकायत थी. उन्होंने देर रात गेस्ट हाउस में इलेक्ट्रॉल पाउडर भी मंगवाया था.

- तड़के बीमार हालत में वह गेस्ट हाउस से बाहर आ गये जिससे चक्कर आया और वे मुंह के बल सड़क पर गिर गये.

- सांस न ले पाने से उनका दम घुटता चला गया. डॉक्टर्स के मुताबिक इस सिंकोपल फॉल कहते हैं.

- बॉडी में कोई इंटरनल या एक्सटर्नल इंजरी नहीं पाई गयी.

- जिस जगह अनुराग का शव मिला, उनका ब्लड भी आसपास ही बिखरा था.

- विसरा में भी जहर मिलने की पुष्टि नहीं, ब्लड में थोड़ी निकोटीन मिली.

देरी से एफआईआर से बचे पुलिस अफसर

सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में उन पुलिस अफसरों के खिलाफ विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति नहीं की है जिन्होंने घटनास्थल से सुबूत जुटाने और अनुराग के कपड़ों को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरती. दरअसल अनुराग की मौत के मामले की एफआईआर पंाच दिन बाद दर्ज की गयी थी. तब तक इसे हादसा माना जाता रहा. यही वजह थी कि सीधे तौर पर पुलिस अफसरों को लापरवाही का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सका.

परिजनों की आपत्ति, पहले सीबीआई दे उनके सवालों के जवाब

आईएएस अनुराग की मौत की जांच कर रही सीबीआई टीम द्वारा मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगाए जाने पर उनके परिजनों ने कड़ा एतराज जताया है. परिजनों ने क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है. अनुराग के भाई मयंक तिवारी ने बताया कि बुधवार को मामले के विवेचक सीबीआई इंस्पेक्टर पूरन सिंह ने पत्र भेजकर उन्हें सूचित किया है कि उनकी जांच में ऐसा कोई भी तथ्य सामने नहीं आया जो अनुराग की हत्या की ओर इशारा करे. नतीजतन, कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है. मयंक ने बताया कि घटना के बाद उनके द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब सीबीआई देने में नाकाम रही और मनमर्जी से मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी.

परिजनों के सवाल

सवाल 1 - अनुराग ने रात करीब 10 बजे रेस्टोरेंट में खाना खाया था. जबकि, इसके कई घंटे बाद अनुराग की लाश मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस के सामने सड़क पर बरामद हुई इतने घंटे बीतने के बाद पेट में मौजूद खाना पच जाता है. पर, पोस्टमार्टम में अनुराग के पेट में अधपचा खाना मिला था

सवाल 2 - अनुराग का फोन अनलॉक था जबकि, वे अपने फोन को हमेशा पैटर्न लॉक रखते थे. ऐसी स्थिति में अनुराग के फोन को किसने अनलॉक किया