नई दिल्ली (पीटीआई)। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजिलाॅकर या एम परिवहन ऐप्स में इलेक्ट्राॅनिक रूप सेव हैं तो इन्हें ओरिजनल दस्तावेज माना जाएगा। इस बाबत मंत्रालय ने एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर व्हीकल्स रूल में संशोधन कर दिया है। इसके मुताबिक, वाहन से संबंधित दस्तावेज जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस, फिटनेस और परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), पाॅल्युशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसी) इलेक्ट्राॅनिक रूप में मान्य होंगे।

अब ओरिजनल लेकर चलने की बाध्यता नहीं
संशोधित नियम के मुताबिक, वाहन से संबंधित दस्तावेज साथ लेकर चलने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। बशर्ते ये दस्तावेज आपके पास इनफाॅरमेशन टेक्नोलाॅजी एक्ट 2000 के तहत डिजिलाॅकर या एम परिवहन ऐप्स में इलेक्ट्राॅनिक रूप में होने चाहिए। दिखाने पर इन्हें ओरिजनल दस्तावेज की तरह मान्यता दी जाएगी। एम परिवहन मोबाइल ऐप सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एनआईसी के जरिए उपलब्ध कराया है। बयान में कहा गया है कि इस मोबाइल ऐप में डीएल या आरसी नंबर डालने के बाद वाहन से संबंधित फिटनेस, रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस वैधता और परमिट वैधता की जानकारी रीयल टाइम पर उपलब्ध होगा।

Posted By: Satyendra Kumar Singh

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