क्या है मामला
बीते हमलों पर गौर करें तो दिसंबर से जनवरी के बीच में अब तक दिल्ली के पांच गिरिजाघरों पर हमला बोला जा चुका है. साउथ दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि यह वारदात रात को करीब एक बजे के आसपास सेंट अल्फोंसा चर्च में हुई है. उन्होंने बताया कि चोर चर्च से डीवीडी प्लेयर और काफी सारे बर्तन उठाकर ले गये हैं. इसके साथ ही चर्च में रखी सभी पवित्र किताबें मौके पर बिखरी हुईं मिलीं. मालायें टूटी थीं. मामले को लेकर एक सीनियर पुलिस अफसर ने दावा किया है कि मुल्जिमों तक पहुंचने के लिए चर्च के आसपास लगाये गये कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है.  

पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
अफसर ने इस बात की भी जानकारी दी है कि इस मामले की तफ्तीश सभी नजरियों को ध्यान में रखकर की जा रही है. बताते चलें कि सेंट अल्फोंसा चर्च वसंत कुंज के 9, ग्रीन एवेन्यू लेन में है. उन्होंने बताया कि मौके पर बिखरे हुये सामान से ऐसा लगता है कि हमलावरों ने यहां काफी तोड़फोड़ की है. चर्च के दरवाजे का कुंडा भी पूरी तरह से टूटा मिला है. सुबह करीब छह बजे फादर विंसेंट सल्वाटोर जब प्रेयर करने चर्च पहुंचे, तो उन्हें वारदात का पता चला. मौके पर ऐसी हालत को देखकर फादर ने तुरंत ही पुलिस को हादसे के बारे में जानकारी दी. जानकारी पाकर मौके पर वसंत कुंज (साउथ) पुलिस के अलावा फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी साथ में पहुंचे. चर्च से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि हमलावर करीब पांच फुट ऊंची दीवार फांदकर अंदर आये. उसके बाद मेन दरवाजे का कुंडा तोड़कर अंदर पहुंचे.

चर्च के फादर का कुछ और है कहना
वहीं दूसरी ओर सेंट अल्फोंसा चर्च के फादर विंसेंट सल्वाटोर ने इसे चोरी या लूट मानने से पूरी तरह से इनकार किया है. इस बात को लेकर उनका तर्क यह है कि चोरों ने चर्च में रखे महंगे सामानों को बिल्कुल भी नहीं छुआ. वह सबकुछ पूरी तरह से सुरक्षित हैं. इसी के साथ उनका यह भी आरोप है कि यह चर्च को अपवित्र करने का मामला है. इसाई समुदाय की आस्था को चोट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसपर फादर ने कहा है कि पिछले कुछ महीने से इस तरह के हमले चर्चों पर लगातार हो रहे हैं. इससे पहले दिलशाद गार्डन के सेंट सेबस्टियन चर्च के साथ ही विकासपुरी और जसोला में भी इस तरह का हमला हो चुका है. इस तरह के हमलों का यह पांचवा मामला है.

राष्ट्रपति भी कर चुके हैं ऐसे हमलों का जिक्र
वहीं इस तरह के मामलों को ध्यान में रखकर क्रिश्चियन राइट्स पर काम कर रहे सीनियर एक्टिविस्ट जॉन दयाल ने अपने दो टूक शब्दों में इसे साफ तौर पर साजिश करार दिया है. जॉन ने मामले को लेकर आरोप लगाया है कि धार्मिक मनमुटाव फैलाने के लिये इस तरह के हमले कराये जा रहे हैं. बताते चलें कि 24 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण के दौरान इस तरह के हमलों का जिक्र किया था. इसके बावजूद, भारत सरकार के मुखिया का इन हमलों पर अभी तक कोई बयान नहीं आया है.

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