कैनबेरा (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के कार्यालय ने गलती से एक गोपनीय दस्तावेज मीडिया को भेज दिया है। दरअसल, उस दस्तावेज को सरकार के लिबरल-नेशनल पार्टी गठबंधन के सदस्यों को भेजा जाना था ताकि सोमवार को संसद का सत्र फिर से शुरू किया जा सके। इंटरनल दस्तावेज पत्रकारों और समाचार आउटलेट्स को भेजा गया था, जिसमें शिन्हुआ समाचार एजेंसी भी शामिल है। उस दस्तावेज में शरण चाहने वालों की संख्या में वृद्धि, सीरिया में संघर्ष, पेरिस समझौते और विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे सहित कई मुद्दों से जुड़े उन कठिन सवालों के जवाब दिए गए थे, जो राजनेताओं से पत्रकारों और विपक्षी पार्टी के सदस्यों द्वारा पूछे जा सकते हैं।

2030 तक पूरा करेंगे लक्ष्य

8,200 शब्दों के इस दस्तावेज में बताया गया है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट के बारे में पूछा जाए जो दावा करता है कि ऑस्ट्रेलिया 2030 के लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकता है, तो इसपर सांसदों को कहना है, 'हम बिना कार्बन टैक्स लगाए अपना लक्ष्य पूरा करेंगे ...जब लेबर (विपक्षी पार्टी) सरकार में थे और कार्बन टैक्स लागू किया, तो ऊर्जा की कीमतें बढ़ गईं और कई लोगों की नौकरी खतरे में पड़ गई थी।'

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मजदूरों के शोषण पर किए जाने वाले सवालों का जवाब

इसके अलावा दस्तावेज के एक खंड में नेताओं को यह सुझाव दिया गया है कि अगर कोई भी ऑस्ट्रलिया में मजदूरों पर हो रहे शोषण पर सवाल करे तो कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में किसी भी मजदूर का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, इसपर हम काम कर रहे है। दस्तावेज ने कहा, 'विपक्षी पार्टी देश में मजदूरों के शोषण का दावा करती है लेकिन जब वह सरकार में थी, उसने 13.57 मिलियन डॉलर से अधिक के फेयर वर्क ओम्बड्समैन फंडिंग का एलान किया था, इससे 23 प्रतिशत कर्मचारियों की नौकरियां चली गईं और कई मजदूरों को देश में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।' फिलहाल, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है।

Posted By: Mukul Kumar

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