कानपुर। माॅर्डन क्रिकेट की बात करें तो हम सिर्फ फैब फोर के बारे में बातें करते हैं। विराट कोहली, स्टीव स्मिथ, केन विलियमसन और जो रूट से दुनिया भर के फैंस को काफी उम्मीदें रहती हैं। माना जाता है कि ये फैब फोर जब मैदान में उतरते हैं तो नया रिकाॅर्ड जरूर बनता है। मगर इन सब के बीच कंगारु खिलाड़ी मार्नस लबुछाने ने पिछले एक साल में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर फैब फोर को भी पीछे छोड़ दिया। मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो लबुछाने इस वक्त 2019 में सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं।

इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज

लबुछाने ने खबर लिखे जाने तक इस साल नौ टेस्ट खेलकर कुल 829 रन बना लिए हैं। हालांकि उनके पीछे स्टीव स्मिथ हैं जिनके खाते में अब तक 811 रन हो गए। हो सकता है स्मिथ पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी पारी खेलकर लबुछाने को पीछे छोड़ दें, मगर 25 साल के दाएं हाथ के बल्लेबाज मार्नस के लिए यह किसी बड़े सम्मान से कम नहीं कि उन्होंने उस लिस्ट में अपना नाम टाॅप पर किया जिसमें कोहली, स्मिथ जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

बतौर गेंदबाज टीम में आने वाला ये खिलाड़ी रन बनाने में कोहली-स्मिथ से आगे निकला

बतौर गेंदबाज शुरु किया करियर

मार्नस लबुछाने ने अपने टेस्ट करियर का आगाज बतौर बल्लेबाज नहीं, बल्कि गेंदबाज के रूप में किया था। साल 2018 में दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में लबुछाने ने टेस्ट डेब्यू किया। बल्ले से वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे, मगर बतौर गेंदबाज लबुछाने ने दो विकेट जरूर चटकाए।

स्पिन गेंदबाज से बने बल्लेबाज

एक स्पिन गेंदबाज से होनहार बल्लेबाज बने लबुछाने आज ऑस्ट्रेलियाई टीम के टाॅप ऑर्डर बैट्समैन बन गए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ एडीलेड ओवन में लबुछाने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए और डेविड वार्नर के साथ मिलकर रिकाॅर्ड 300 रन से ज्यादा की साझेदारी कर गए। डे-नाइट टेस्ट में पहली बार इतनी बड़ी साझेदारी का रिकाॅर्ड बना है। इस दौरान मार्नस ने 162 रन की पारी खेली।

बतौर गेंदबाज टीम में आने वाला ये खिलाड़ी रन बनाने में कोहली-स्मिथ से आगे निकला

अफ्रीका में पैदा हुए लबुछाने

मार्नस लबुछाने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का हिस्सा भले हों मगर उनका जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ है। लबुछाने के माता-पिता भी अफ्रीकी हैं। मगर उनकी फैमिली साल 2004 में माइग्रेट करके ऑस्ट्रेलिया आ गई। उस वक्त लबुछाने की उम्र सिर्फ 10 साल थी। लबुछाने ने बचपन से अफ्रीकी भाषा बोली थी, पहली बार इंग्लिश उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आकर सीखी।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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