नई दिल्ली (एएनआई)। मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि इस अदालत उपासकों की धार्मिक भावनाओं और विश्वास की कद्र करती है। कोर्ट इस मामले में संतुलन बनाए रखेगी। इस फैसले को पढ़ने में लगभग आधे घंटे का समय लगेगा। मुख्य न्यायाधीश गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ याचिका पर फैसला सुनाने के दौरान ये बातें कहीं।

तीन हिस्सों में है विवादित जमीन

चीफ जस्टिस ने कहा कि विवादित स्थान रामलला विराजमान, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा के बीच विभाजित है। अयोध्या में 2.77 एकड़ भूमि पर हिंदू वैरागी निर्मोही अखाड़ा और मुस्लिम वक्फ बोर्ड के एक संप्रदाय, दक्षिणपंथी पार्टी हिंदू महासभा के बीच एक दशक तक कानूनी विवाद चला। विवाद, जो वर्षों से धार्मिक और राजनीतिक लड़ाई में बदल गया था, शीर्ष अदालत के फैसले के साथ समाप्त होने की उम्मीद है।

Posted By: Satyendra Kumar Singh

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