-माहौल खराब करने वालों को चिह्नित कर पुलिस ने लिया एक्शन

- तमाम ग्रुप पर एडमिन ने एहतियातन संदेश भेजने पर लगाई रोक

-डिजिटल वालंटियर्स और एस-10 ग्रुप के सदस्यों ने की मदद

VARANASI(9 Nov):

अयोध्या विवाद फैसले से पहले ही पुलिस ने शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने की जबरदस्त तैयारी कर ली थी. इसका परिणाम भी मिला शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और यहां रहने वालों के बीच कायम मोहब्बत को किसी की नजर नहीं लग सकी. जिसकी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की वो पुलिस की पैनी नजर से बच नहीं सका. तत्काल दबोच लिया गया और कानून के शिकंजे में कस दिया गया. पुलिस ने फैसला आने के बाद पटाखा बजाने और जुलूस निकालने की कोशिश करने वालों को पकड़ा. सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों को सबक सिखाया.

पकड़ा गया युवक

चौक थाना क्षेत्र में बड़ी पियरी निवासी प्रमोद सिंह को पटाखा दगाने पर पुलिस ने अरेस्ट किया हालांकि मुकदमा न दर्ज करके निरोधात्मक कार्रवाई की गयी. इसके अलावा सारनाथ क्षेत्र में ट्विटर पर एक भड़काऊ वीडियो वायरल होने पर सोशल मीडिया सेल ने उसे चिह्नित कर लिया जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया. वहीं थाना सारनाथ के अशोक विहार फेज-2 कॉलोनी में जूलुस निकालने पर शेर बहादुर सिंह, रवि श्रीवास्तव, प्रमोद पांडेय, भैरो मल्होत्रा, नवीन सिंह, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव व कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. सारनाथ क्षेत्र में ही एक युवक द्वारा आपत्तिजनक वीडियो ट्वीट किया गया जिसे सोशल मीडिया सेल ने चिह्नित कर मुकदमा दर्ज किया है.

सोशल मीडिया पर नजर

डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर बनाए गये सोशल मीडिया के डिजिटल वालंटियर्स ग्रुप्स ने अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद अपनी अहमियत का अहसास करा दिया. खासतौर पर युवाओं ने इसमें खासी सक्रियता दिखाई और शरारती तत्वों के बारे में पुलिस से सूचनाएं साझा करते रहे. सोशल मीडिया की दुनिया में पैनी नजर रखने वाले डिजिटल वालंटियर्स ने शहर में शांति-व्यवस्था को बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई. वहीं आईजी रेंज विजय सिंह मीणा के निर्देश पर संभ्रांत नागरिकों के एस-10 ग्रुप ने भी प्रशासन की मदद करने में कोई कसर नहीं बाकी रखी और अपने-अपने क्षेत्र में आपसी भाईचारा कायम रखा.

पब्लिक ने भी किया सपोर्ट

अयोध्या फैसले को लेकर वाराणसी में भी शुक्रवार रात से ही खास सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गयी थी. खास बात यह है कि आम शहरियों ने भी इसमें दिल खोलकर मदद की और सोशल मीडिया पर संयम रखा. तमाम व्हाट्सएप ग्रुप पर फैसले को लेकर कोई भी भड़काऊ संदेश या किसी भी समुदाय की भावना को चोट पहुंचाने वाले संदेशों को पोस्ट करने से मना करने के साथ शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जाने लगी थी. शनिवार सुबह सोशल मीडिया की दुनिया बेलगाम न हो, इसके लिए खास एहतियात बरती जाने लगी और कई व्हाट्सएप ग्रुप में बदलाव कर दिए गये ताकि एडमिन ही संदेश भेज सके. वहीं फेसबुक और ट्विटर पर भड़काऊ संदेश पोस्ट करने वालों को डिजिटल वालंटियर्स पूरी सतर्कता के साथ उसे डिलीट करने की हिदायत देते नजर आए. ऐसा नहीं करने वालों की सूचना पुलिस को दी गयी जिसके बाद उन पर कानून का शिकंजा कसने लगा.

नेट बंद करने की नाैबत नहीं

फैसला आने के मामले में सोशल मीडिया को लेकर सुरक्षा एजेंसियां खासी एहतियात बरत रही थी क्योंकि इसके जरिए शरारती तत्व अपने गलत मंसूबों को पूरा कर सकते थे. सावधानी के लिहाज से इंटरनेट सेवाएं ठप करने का विकल्प भी मौजूद था पर वाराणसी में इसकी नौबत नहीं आई. सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगों ने समझदारी का परिचय दिया जिससे अफवाहों पर लगाम लग सके और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की आम राय बनने में मदद मिली.

ैक्ट मीटर

- 4969 डिजिटल वालंटियर्स जुड़े हैं बनारस के थानों के व्हाट्सएप ग्रुप में

- 10706 एस-10 सदस्य अलग-अलग इलाकों की करते रहे निगरानी

- 01 युवक आतिशबाजी करने पर चौक में अरेस्ट, जुलूस निकालने पर केस

- 12 मुकदमे पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी करने पर दर्ज

- 37 आरोपित सोशल मीडिया पर वैमनस्यता फैलाने पर पूरे प्रदेश में अरेस्ट

- 7839857011 नंबर पर पुलिस को दें आतिशबाजी या जुलूस की सूचना

Posted By: Inextlive