दैनिक जागरण की ओर से आयोजित पैम्पर्स शिशु स्वास्थ्यशाला में महिलाओं ले जाना शिशुओं को स्वस्थ रखने का राज

-विशेषज्ञों से महिलाओं ने पूछे सवाल, डॉक्टर्स ने दिए टिप्स

Meerut . बच्चा रात में अक्सर रोते हुए नींद से उठ जाता है, मुन्ना दूध नहीं पीता, पनप नहीं रहा.. छह महीने का बच्चा काफी चिड़चिड़ा हो गया, सोता नहीं है..छोटे बच्चों के लालन-पालन को लेकर हर मां कुछ ऐसे ही सवालों को लेकर काफी परेशान रहती है. महिलाओं की इसी परेशानी को समझते हुए दैनिक जागरण और पैम्पर्स ने मंगलवार को शिशु स्वास्थ्यशाला का आयोजन किया. सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में हुए इस कार्यक्रम में शहरभर की मदर्स ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. शिशुशाला में मुख्य अतिथि लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रमेश चंद्र गुप्ता रहे, जबकि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उमंग अरोड़ा ने बच्चे की सेहत को लेकर खास टिप्स और जानकारियां दीं .

दीप प्रज्ज्वलन से शुभारंभ

शिशु स्वास्थ्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. रमेश चंद्र गुप्ता, डॉ. उमंग अरोड़ा, दैनिक जागरण के सीनियर न्यूज एडिटर मुकेश कुमार, दैनिक जागरण आइनेक्स्ट के डिप्टी न्यूज एडिटर अमित कुश व वीटीसी ट्रेडविंग्स प्राइवेट लिमिटेड से गणेश धसमाना ने किया.

गाढ़ा पीला दूध और नींद अमृत

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रमेश चंद्र गुप्ता ने मदर्स को संबोधित करते हुए बच्चों की नींद और स्तनपान के महत्व के के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नवजात के लिए मां का पहला गाढ़ा पीला दूध और भरपूर नींद अमृत होती है. माता के दूध में नवजात बच्चों के पोषण के लिए सभी जरूरी पदार्थ होते हैं जबकि नींद पूरी होने से उसका चिड़चिड़ापन दूर होता है. शिशु स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने नेत्र रोगों के बारे में भी माताओं से अहम जानकारियां साझा कीं. बच्चों की आंखों की देखभाल में बरती जाने वाली सावधानी के बारे में भी जानकारी शेयर की.

बच्चों को दें भरपूर नींद

शिशु स्वास्थ्यशाला में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उमंग अरोड़ा ने कहाकि बच्चे का विकास पूरी तरह से मां पर निर्भर करता है. अक्सर रात में गीलेपन की वजह से बच्चे उठ जाते हैं, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं होती है और वह चिड़चिड़े हो जाते हैं. रात में बच्चे को गीलापन न हो इसका ध्यान रखना होगा तभी बच्चे को भरपूर नींद मिल सकेगी और वह दिनभर खिलखिलाता और हंसता-मुस्कुराता रहेगा. इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के इसी मुद्दे से जुड़े तमाम सवालों के जवाब भी दिए और कई मिथ्स और आशंकाओं को भी दूर किया. उन्होंने बताया कि महिलाएं बच्चों की आंखों में मोटा-मोटा काजल लगा देती हैं ताकि आंखे बड़ी हो जाएं लेकिन यह सिर्फ मिथ है. ऐसा नहीं करना चाहिए. इसके अलावा स्वास्थ्यशाला में पैम्पर्स डायपर के उपयोग का तरीका और फायदा भी बताया गया. सबसे अहम जानकारी यह रही कि बच्चों को उम्र नहीं, बल्कि वजन के हिसाब से डायपर पहनाना चाहिए. इसके साथ ही पैम्पर्स की खूबियां भी गिनाई गईं.

सवाल-बच्चा दूध निकालता है.

रंजना

जवाब-कई बच्चे दूध निकालते हैं. यह सामान्य बात है.

सवाल- बच्चे को स्तनपान के अलावा डिब्बे के दूध भी देती हूं लेकिन वह उल्टी कर देता है

सृष्टि गुप्ता

जवाब- बच्चे को दो तरह के दूध न दें. मां का दूध सर्वोत्तम है.

सवाल- बच्चा काफी चिड़चिड़ा हो गया है.

वर्षा

जवाब- बच्चे को भरपूर नींद देना जरूरी हैं. पर्याप्त नींद मानसिक विकास के लिए जरूरी है. रात में गीलापन न हो इसमें डायपर्स यूज किए जा सकते हैं. इससे त्वचा गीली नहीं होती है और संक्रमण से भी बचाता है.