मेरठ. मेरठ पुलिस के लिए हमेशा सिरदर्द रहे शराब माफिया बदन सिंह बद्दो का नाम जरायम से सियासत के सफर में काफी चर्चित रहा है. शनिवार को दिल्ली रोड स्थित कसाना गेस्ट हाउस पर मेहरचंद कसाना की हत्या में बदन सिंह का नाम एक बार फिर चर्चा में है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोहल्ला बेरीपुरा निवासी बदन सिंह बद्दो के खिलाफ सन 1988 में हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था. शराब, प्रॉपर्टी, केबल व्यवसाय से लेकर कई राजनैतिक दलों से निकटता में बद्दो का नाम चर्चा में रहा. इसी दौरान बद्दो का नाम कई आपराधिक गैंगों से जुड़ा तो कई बार उस पर कई व्यापारियों को धमकाकर वसूली करने के आरोप भी लगे. गुंडा एक्ट लगी तो जिला बदर की कार्रवाई भी हुई. हीते वर्ष बद्दो ने दीवान ग्रुप के मालिक राजेश दीवान से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी. यह मामला लखनऊ तक गूंजा था. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में समाजवादी पार्टी के एक बडे़ नेता ने बद्दो और राजेश दीवान के बीच समझौता कराया था. पुलिस के मुताबिक बदन सिंह पर सैंकड़ों हत्या, जानलेवा हमले और रंगदारी मांगने के मुकदमे दर्ज हैं.

1. संपत्ति विवाद के चलते बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या में पुलिस जांच में बद्दो का नाम सामने आया था.

2. कुख्यात होते बद्दो पर यूपी पुलिस ने एक लाख तो दिल्ली पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था.

3. केबिल कंपनी के मैनेजर पवित्र मैत्रेय की हत्या में भूपेंद्र बाफर के साथ बद्दो का नाम भी सामने आया.

4. सपा सरकार के दौरान मेरठ में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भी बद्दो ने अतुल के लिए सुमन भदौड़ा की वोट मैनेज कराई थी.

5. मेरठ कचहरी में बद्दो और उधम सिंह के बीच कहासुनी हुई थी. जिसके बाद सुशील मूंछ ने भूपेंद्र बाफर, बदन सिंह के बीच बातचीत कराई थी.

6. कई वर्ष पूर्व दिन-दहाड़े हुई अधिवक्ता रविंद्रपाल मामले में कोर्ट ने 31 अक्टूबर, 2017 को बद्दो को उम्रकैद का दोषी करार दिया था.