डीएम ने की शिविर संचालकों के साथ बैठक

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MEERUT :
ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा आगामी 17 जुलाई से आरंभ हो रही है. जिसमें करोड़ों की संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर कूच करेंगे. गत वर्षो से मेरठ से गुजरने वाले कांवडि़यों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ जनसामान्य की भी भागेदारी और जिम्मेदारी बढ़ रही है. विभिन्न कांवड़ मार्गो पर शिवभक्तों की सेवा के लिए हर साल बड़ी संख्या में कांवड़ शिविर लगाए जाते हैं. इन कांवड़ शिविरों का संचालन मानकों को ध्यान में रखकर हो जिससे कि कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो. गुरुवार को डीएम अनिल ढींगरा ने सीसीएस यूनीवर्सिटी के बृहस्पति भवन सभागार में शिविर संचालकों के साथ एक बैठक की जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रा की तैयारी को साझा किया तो वहीं शिविर संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए.

पॉलीथिन होगी प्रतिबंधित

डीएम ने बताया कि मेरठ में इस बार 415 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे. डीएम ने कहा कि शिविर में पॉलीथीन के उपयोग पर प्रतिबंध रखा जाएगा. कांवड़ सेवा शिविर की अनुमति सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही मिलेगी. शहर सीमा में एडीएम सिटी अनुमति देंगे तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में क्षेत्रीय एसडीएम को शिविर की अनुमति का जिम्मा दिया गया है. डीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिविर में पकने वाले भोजन की नियमित रूप से जांच करें. उन्होंने शिविर संचालकों से कहा कि वह बिजली का अस्थायी कनेक्शन ले लें. खाना बनाने में सिर्फ व्यवसायिक गैस सिलेंडर का प्रयोग करें, बासी भोजन व पानी न परोसा जाए.

गंगाजल और अतिरिक्त कांवड़ रखें

एडीएम सिटी महेश चंद्र शर्मा ने शिविर संचालकों से कहा कि वह अपने-अपने शिविरों में गंगाजल व अतिरिक्त कांवड़ की भी व्यवस्था रखें, जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी शिवभक्त को कांवड़ दी जा सके. उन्होंने शिविर संचालकों से कहा कि वह शिविरों में कंट्रोल रूम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, फॉयर सहित सभी आवश्यक अधिकारियों के नंबर रखें. एडीएम ने बताया कि जनपद में 415 कांवड़ शिविर लगेगे, जिसमें से शहर में 215, तहसील मवाना में 45, तहसील सरधना में 75 व तहसील मेरठ में 80 शिविर लगेंगे. बैठक में एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी, एडीएम फाइनेंस सुभाष चंद्र प्रजापति, सिटी मजिस्ट्रेट संजय पाण्डेय, अपर नगर आयुक्त अमित सिंह आदि मौजूद थे.