बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सर्टिफिकेट देने के बाद ही जारी करेगी सीसीएसयू एलएलबी की मेरिट

Meerut. मेरठ कॉलेज व एनएएस डिग्री कॉलेज में बार काउंसिल से सर्टिफिकेट न मिल पाने के कारण मेरिट जारी नहीं हो पा रही है. जिसके चलते इन कॉलेजों में एलएलबी में एडमिशन के लिए इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स को शायद अन्य कॉलेज में एडमिशन के लिए आप्शन ढूंढना पड़ सकता है. दरअसल, दोनों कॉलेजों की तरफ से सर्टिफिकेट जमा नहीं किया गया तो सीसीएसयू इन इन कॉलेजों की मेरिट जारी नहीं करेगी.

पुराना बकाया है कॉलेजों का

मेरठ कॉलेज और एनएएस डिग्री कॉलेज सहित दो अन्य कॉलेजों की तरफ से बार काउंसिल ऑफ इंडिया को आठ साल पहले की फीस नहीं दी गई है. हालांकि कॉलेजों की तरफ से इस बार की फीस के रूप में तीन लाख रुपए जमा कर दिए गए हैं. साथ ही कॉलेजों ने सभी डाक्यूमेंट्स भी जमा कर दिए गए है. मगर बार काउंसिल ने सर्टिफिकेट देने की एवज में बकाया फीस का ऑब्जेक्शन लगा दिया है. दरअसल, गत आठ साल में इन कॉलेजों ने तीन लाख के हिसाब से दो से तीन बार की फीस बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जमा ही नहीं की है.

डायरेक्ट लाए थे अनुमति

बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर कुछ एफिलिएटेड कॉलेज कोर्ट भी गए थे. उन्होंने ये बात भी रखी थी प्राइवेट कॉलेज स्टूडेंट्स से मोटी फीस लेकर उनको एलएलबी करवा रहे हैं, जबकि उनके कॉलेजों के पास इतना फंड नहीं है तो वो कहा से हर तीन साल में तीन लाख जमा करें. इसको लेकर कुछ कॉलेजों को अनुमति मिल गई थी. मगर अब बार काउंसिल ने ऐसे कॉलेजों को सर्टिफिकेट देने से साफ मना कर रहा है, जिनकी पुरानी फीस बकाया है. ़

काफी कॉलेज का कुछ पुराना बकाया है, जिसको लेकर बात चल रही है. इस बार की फीस तो सभी ने जमा कर दी है. अब बार काउंसिल ही बताएगा कि सर्टिफिकेट मिलेगा या नहीं.

डॉ. वीपी राकेश, प्रिंसिपल, एनएएस डिग्री कॉलेज

हमारे यहां से एक प्रतिनिधि बार काउंसिल सर्टिफिकेट के लिए गया हुआ है. कभी बार काउंसिल डाक्यूमेंट्स में कमी बता देता है तो अब फीस का मुद्दा उठा रहा है.

डॉ. संगीता गुप्ता, प्रिंसिपल, मेरठ कॉलेज