- बहेड़ी में घर में घुसकर आरोपियों ने छठी की छात्रा को बनाया शिकार

- मुकदमा दर्ज न होने पर थाने में फूट-फूटकर रोया पीडि़ता का पिता

- समझौता करने के बहाने गांव में कर रखा था नजरबंद

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BAREILLY: बहेड़ी के एक गांव में गांव के ही कुछ लोगों ने कक्षा छह की छात्रा को घर में अकेला पाकर दबोच लिया. उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बदहवास अवस्था में छोड़कर भाग गये. काम से लौटे पिता ने जब बेटी की हालत देखी तो घटना का पता चला. वह पुलिस को सूचना देने घर से निकले तो उसे पंचायत कराने के बहाने रोक लिया गया. किसी तरह वह पीडि़ता को लेकर थाने पहुंचा और मामले की तहरीर दी, लेकिन दोपहर तक थाने में बिठाये रखने के बाद भी जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो बेबस पिता का दर्द फूट पड़ा. वह थाने में ही फूट फूटकर रोने लगा. बाद में पुलिस ने उसे मुकदमा लिखने का आश्वासन दिया.

थाना आने से भी रोका
पीडि़त बच्ची की मांग काफी समय पहले गुजर गयी थी. वह अपने पिता के साथ रहती है. 23 दिसंबर को बच्ची का पिता काम के लिए घर से बाहर गया हुआ था. इसी समय गांव के ही कुछ लड़कों ने घर में उसकी अकेली बेटी को दबोच लिया और बारी-बारी से दुष्कर्म किया. बेहोश होने पर आरोपित उसे घर में ही छोड़कर फरार हो गये. पिता जब घर वापस आया तो बदहवास बेटी ने रोकर सारा वाकया बताया. मामले की सूचना जब आरोपितों के परिजनों को लगी तो उन्होंने पीडि़ता के पिता को पंचायत व समझौते के जाल में फंसा लिया. रोजाना कोई न कोई नई बात बनाकर उसे थाने आने से रोकते रहे. फ्राइडे रात मौका पाकर वह बेटी को लेकर थाने पहुंचा और तहरीर देकर आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है.

हर दिन तय हुई दुष्कर्म की कीमत
थाने में बेटी साथ आये पीडि़ता के पिता ने बताया कि आरोपितों के परिजन उसकी बेटी की आबरू लूटने की कीमत लगाते रहे. उसे रुपये देने का लालच दिया. हर दिन नयी कीमत का प्रस्ताव उसके पास आता और वह उसे ठुकराता रहा. उसने मन ही मन ठान लिया था कि मौका पाकर वह बेटी को इंसाफ दिलाकर ही रहेगा. उसने पुलिस के रवैये पर रोते हुए बताया कि बीते दिन तहरीर दे दी गयी थी, पर अब तक उसकी बेटी का न तो मेडिकल कराया गया और न ही मुकदमा कायम किया गया है.

अपनों ने भी नहीं समझा
पीडि़ता के पिता का दर्द केवल पुलिस वालों पर ही नहीं फूटा. उसे अपनों से भी बहुत शिकायत थी. बोला कि गांव में रहने वाले परिजन भी आरोपितों की दहशत व प्रभाव में उस पर समझौते का दबाव बनाते रहे. पर बेटी का चेहरा देखने पर सब उसे दुश्मन नजर आते हैं.

खामोश हो गई चंचल छात्रा
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों को मासूम से द¨रदगी करते हुए तनिक भी तरस नहीं खाया. वह काफी चचंल व हंसमुख थी. उसकी बातें सभी का मन खुश कर देती थीं, पर घटना के समय मिले दर्द और द¨रदगी ने उसे खामोश कर दिया है. बेबस पिता यही कहकर थाने में आंसू बहा रहा था कि उसकी बेटी की आवाज को आरोपितों ने सदा के लिए खामोश कर दिया है.

 

मैं बाहर गया हुआ था. घटना दिसंबर की बतायी जा रही है. मामले में मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा. जांच में जो भी सच्चाई होगी उसके अनुसार कार्रवाई भी की जायेगी.

दलबीर सिंह, कोतवाल बहेड़ी