केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने शनिवार को कहा है कि बीसीसीआई को कांबली के दावों की जांच करनी चाहिए लेकिन बीसीसीआई ने कहा है कि इस विषय पर किसी जांच की ज़रुरत नहीं है.

विनोद कांबली ने निजी टीवी चैनल के एक कार्यक्रम के दौरान 1996 के क्रिकेट विश्व कप सेमी-फ़ाइनल पर सवाल उठाए हैं. कांबली ने कहा है कि भारत और श्रीलंका के बीच हुए इस मैच में तय हुआ था कि अगर भारत टॉस जीतता है तो पहले बल्लेबाज़ी करेगा लेकिन टॉस जीतने के बाद कप्तान ने गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया.

'दावों की अहमियत नहीं’

लेकिन भारत में क्रिकेट को चलाने वाली संस्था बीसीसीआई कांबली के इन दावों से इत्तफ़ाक नहीं रखती. बीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी राजीव शुक्ला ने पत्रकारों को बताया, “मैं कांबली के बयानों को कोई महत्त्व नहीं देता हूं. अगर कोई व्यक्ति 15 साल बाद जागता है और कुछ आरोप लगाता है तो ये बात संज्ञान लेने लायक़ नहीं है. ”

लेकिन खेल मंत्री अजय माकन का इस विवाद रुख़ बिल्कुल अलग है. माकन ने कहा, “जब टीम के किसी सदस्य ने आरोप लगाया है तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए. देश को ये जानने का अधिकार है कि आख़िर हुआ क्या था.” माकन ने तो यहां तक कहा कि अगर बीसीसीआई को क़दम नहीं उठाती तो उनका मंत्रालय इस मामले की जांच कर सकता है.

Cricket News inextlive from Cricket News Desk