क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : शहर के बाजारों में खुलेआम बिकती है शराब. सिटी में शराब दुकानों के खुलने की संख्या भी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है. मेन रोड से लेकर लालपुर, कचहरी, कोकर समेत कई सड़कों पर शराब की दुकानें खुलने से यहां शॉपिंग के लिए आने वाली महिलाओं, लड़कियों और बच्चों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. जब से प्राइवेट हाथों में शराब बिक्री का अधिकार दिया गया है. धड़ल्ले से शराब दुकानें खुलने लगी हैं. सरकार ने अपना रेवेन्यू बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया था लेकिन यह निर्णय आम लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है. इन दुकानों के खुलने का समय भी सुबह 11 से रात 11 बजे तक तय किया गया है. इससे परेशानी और बढ़ गई है. ज्यादा समस्या शाम के समय हो रही है. शाम में शॉपिंग करने आये लोगों की संख्या ज्यादा होती है. इसी बीच शराब की दुकानों पर शराबियों का भी जमावड़ा लगता है. शॉपिंग की दुकान पर शराब पीकर आने वाले लोग भद्दी-भद्दी गालियों से बात करते हैं. इससे लड़कियां परेशान हो उठती हैं. कई बार लड़कियां छेड़छाड़ की शिकार भी बनती हैं.

बहुत गलत बात है.

मेन रोड से कुछ दूरी पर रहने वाली रीना कुमारी ने कहा कि बहुत गलत बात है, मार्केट में शराब दुकान नहीं होना चाहिए. बल्कि यह तो भीड़भाड़ वाले स्थान पर कहीं नहीं होना चाहिए. लेकिन गवर्नमेंट इस ओर ध्यान नहीं देती, उसे बस अपना रेवेन्यू बढ़ाने से मतलब है.

वहीं बाजार में शॉपिंग के लिए पहुंची ममता शर्मा का कहना है कि शराब तो पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए. बाजार में शराब की दुकान होनी ही नहीं चाहिए. इससे हम महिलाओं को बहुत दिक्कत होती है. इसकी बदबू भी आती है और शराब पीने वालों की भीड़ भी जमा होती है.