सेंटर पर टीकाकरण के साथ कुत्तों की नसबंदी भी होगी

प्रोजेक्ट के लिए 5 फर्मो ने किया है आवेदन

जिले के सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन 250 डॉग बाइट के केस आ रहे हैं

Meerut. निराश्रित पशुओं को आश्रय देने के लिए कैटल कालोनी के निर्माण के साथ-साथ नगर निगम अब शहर के आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या और डॉग बाइट के केस पर भी लगाम लगाने की कवायद में जुट गया है. इसके तहत कैटल कालोनी के साथ ही एनिमल बर्थ सेंटर तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम शहर के आवारा कुत्तों की नसबंदी और रैबीज टीकाकरण करेगी.

नसबंदी से लगेगी लगाम

परतापुर में तैयार की जा रही कैटल कालोनी के एक हिस्से में ही एनिमल बर्थ सेंटर तैयार किया जा रहा है. इस सेंटर को निजी कंपनी द्वारा ऑपरेट किया जाएगा. कंपनी के कर्मचारी डॉग कैचर की मदद से शहर से आवारा कुत्तों को पकड़कर सेंटर तक लाएंगे और सेंटर पर कुत्तों की नसबंदी होगी. नसबंदी के बाद कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कुत्तों को वापस शहर में उन्हीं इलाकों में छोड़ा जाएगा, जहां से लाया जाएगा.

एआरवी से दूर होगा खतरा

नसबंदी के साथ इस सेंटर पर दूसरा सबसे महत्वपूर्ण काम डॉग बाइट के खतरे को कम करने के लिए एआरवी यानी एंटी रैबीज वैक्सीन कुत्तों को लगाई जाएगी. इस वैक्सीन के लगने के बाद कुत्ता काटने पर किसी को जान का खतरा नही रहेगा. कंपनी पर एआरवी वैक्सीनेशन को जल्द से जल्द शत प्रतिशत पूरा करने का टारगेट दिया गया है.

केस से हिसाब से भुगतान

एनिमल बर्थ सेंटर के लिए नगर निगम द्वारा टेंडर जारी किया जा चुका है. टेंडर के लिए पांच कंपनियों के आवेदन भी आ चुके हैं लेकिन अभी तक कंपनी फाइनल नही हुई है. इस कंपनी के पास डॉक्टर्स की एक्सपर्ट टीम से लेकर कर्मचारी और डॉग कैचर गाड़ी होगी. निगम द्वारा कंपनी को प्रति केस भुगतान किया जाएगा.

शहर में डॉग्स की लगातार बढ़ती संख्या और डॉग बाइट के केस को कम करने के लिए एनिमल बर्थ सेंटर तैयार किया जा रहा है. इस सेंटर पर पूरी सुरक्षा के साथ डॉग की नसबंदी और वैक्सीनेशन किया जाएगा. संभवता अगस्त में इस केयर सेंटर की शुरुआत हो जाएगी.

डॉ. गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी