-- बाढ़ के चलते आवक कम होने से 60 रुपए किलो पहुंचा प्याज का रेट

- किचन से गायब हुई प्याज, एक माह में सबसे हाई रेट पर पहुंचा दाम

शीला के घर में लोग स्पाइसी खाने के शौकीन हैं. सब्जी जायकेदार न हो तो इनकी फैमिली को मजा नहीं आता. पर इस वक्त इनके फैमिली मेंबर्स को स्वाद में क्राम्प्रोमाइज करना पड़ रहा है. कारण कि सब्जी की जान कही जाने वाली प्याज इनकी थाली से गायब हो गयी है. जहां पहले रोजाना आधा किलो प्याज खप जाती थी अब स्थिति ये हो गयी है कि उसे दो दिन चलाना पड़ रहा है. क्योंकि प्याज के दाम अचानक से बढ़ गये हैं. शीला ही नहीं प्याज तमाम लोगों के किचन से दूर हो गयी है.

स्टॉक हो गया है खत्म

देश के कई राज्यों में आई बाढ़ ने लोगों के खाने का स्वाद बिगाड़ दिया है. मंडी में आवक कम होने से बाजार में अच्छे प्याज के दाम 60 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है. जबकि दूसरे दर्जे की प्याज भी 40 रुपए प्रति किलो तक मिल रही है. बाजार में प्याज के दाम बढ़ने का कारण किसानों के पास प्याज का स्टाक खत्म होना है. संभावना जतायी जा रही है कि यदि जल्द ही प्याज की आवक नहीं हुई तो दाम 80 रुपए के पार भी पहुंच सकता है. यही नहीं टमाटर, परवल, करेला जैसी सब्जियों का रेट भी हाई है.

10 से 40 रूपए तक बढ़े दाम

इधर प्याज के दाम तेजी से बढ़े हैं. पिछले एक महीने में प्याज के दाम 10 से 40 रुपए किलो तक बढ़े हैं. एक महीने पहले 10 रुपए किलो बिकने वाली प्याज इन दिनों बाजार में 50 से 60 रुपए किलो तक बिक रही है. व्यापारियों की मानें तो तेज बारिश और बाढ़ से स्टाक में रखे प्याज के खराब होने से बाजार में आवक कम हुई. इसकी वजह से उन्हें ही महंगा प्याज खरीदना पड़ रहा है. जो प्याज आ रही है, उसकी क्वालिटी भी ठीक नहीं है. इस कारण प्याज 50 से 60 रुपए किलो तक बिक रही है. बढ़े दाम के चलते गरीबों की थाली से प्याज गायब हो गयी है.

बिगड़ रहा घर का बजट

प्याज की बढ़ती कीमतों के चलते आम लोगों के घरेलू बजट पर काफी असर पड़ा है. एक महीने में प्याज की कीमत बढ़कर छह गुनी हो गई है. सब्जी व्यापारी रोशन सोनकर ने बताया कि फुटकर बाजार में प्याज की कीमत भी 60 रूपये किलो हो गई है. अब आम लोगों के लिए प्याज खरीदना मुश्किल हो गया है. थोक व्यापारी राकेश सोनकर ने बताया कि थोक बाजार में प्याज की कीमत 45 से 50 रुपये प्रति किलो है.

इसलिए बढ़ रही कीमत

व्यापारियों का कहना है कि प्रदेशों में बाढ़ व भारी बारिश के चलते आवागमन प्रभावित है. प्याज की सप्लाई कम होने से दाम ऊपर गया है. स्थिति को देखते हुए बड़े व्यापारियों ने भी कीमत में तेजी से इजाफा कर दिया है. इसलिए फुटकर बाजार में भी इसकी कीमत में उछाल आया है.

सब्जियों के दाम

सब्जी भाव प्रति किलो में पहले अब

प्याज 10 से 15 50-60

टमाटर 10 से 15 20-40

बैगन 30 50

भिंडी 10 25

लौकी 20 40

करेला 10 से 20 35

कद्दू 10 से 15 20

अरबी 10 से 15 40

परवल 25 से 30 50

कुंदरू 20 30

बाढ़ की वजह से प्याज की आवक कम हो गयी है. इसकी वजह से थोक बाजार में प्याज का भाव बढ़ गया. इसका असर फुटकर मार्केट में भी देखने को मिल रहा है.

दुर्गेश प्रसाद, थोक व्यापारी

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प्याज की बढ़ती कीमत के चलते रसोई का बजट बिगड़ गया है. मध्यमवर्गीय परिवार को सीमित आमदनी में सब कुछ मैनेज करना होता है. किसी भी चीज की कीमत बढ़ने पर काफी परेशानी होती है.

रीता श्रीवास्तव, गृहणी

प्याज की कीमत बढ़ने से एक केजी के बजाए एक पाव ही खरीद रही हूं. किचन पर काफी सोच समझ कर खर्च किया जा रहा है. अन्य खर्चो में से पैसे काटकर किचन बजट में जोड़ा जा रहा है.

शीला देवी, गृहणी