पटना (ब्यूरो)।

राजधानी में पैदल चलने में लोगों को कोई परेशानी न हो इसके लिए सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाए गए हैं। अतिक्रमण का शिकार हो गया है। मेन सड़क से लेकर मार्केट तक की सड़कां पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं। इस वजह से राहगीरों को सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अतिक्रमण होने से सबसे अधिक परेशानी दिव्यांग और उम्रदराज लोगों को होती है। कई बार नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया। कई जगह पुलिस ने बल का प्रयोग कर अतिक्रमण को हटाया। इसके कुछ दिन बाद तक व्यवस्था ठीक रहती है। फिर अतिक्रमण की दुकानें सज जाती हैं। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने कई इलाकों में जाकर फुटपाथ का हाल जाना तो पता चला कि कोई भी ऐसा इलाका नहीं है जहां फुटपाथ पर लोग चलते हों।

लगता है जाम
फुटपाथ पर दुकान लगाने और अतिक्रमण करने से कई जगह दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इतना ही नहीं, हॉस्पिटल और बड़े संस्थान फुटपाथ को घेर कर पार्किंग बना लिए हैं। राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, अशोक राजपथ, पाटलिपुत्र सहित कई इलाकों में बड़े-बड़े हॉस्पिटल बने हैं। यहां फुटपाथ पर गाडिय़ां खड़ी रहती हैं। कोई विरोध करता है तो वहां तैनात गार्ड मारपीट तक करने लगता है।

सो रहा नगर निगम
पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। ताकि शहर सुंदर दिखे। शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने की जिम्मेवारी नगर निगम को है। लेकिन नगर निगम की नींद नहीं खुल रही है। जब कहीं से शिकायत होती है तो नगर निगम की टीम वहां जाती है और दिखावे के लिए कार्रवाई कर वापस लौट जाती है।

-कुर्जी
अतिक्रमित फुटपाथ का जायजा लेने के लिए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम कुर्जी पहुंची। गंगा प्रोटेक्शन वॉल के पास बने फुटपाथ कुर्जी मोड़ से ही अतिक्रमण शुरू हो जाता है। कुर्जी से राजापुर पुल तक फुटपाथ तक 3 दर्जन से अधिक स्थाई और अस्थाई दुकानें सजी हैं। जिसमें होटल से लेकर बांस की दुकान तक शामिल हैं।

गांधी मैदान
गांधी मैदान के दोनो तरफ आम पब्लिक के चलने के लिए बने फुटपाथ पर एक तरफ बस तो दूसरी तरफ ऑटो वालों का कब्जा है। फुटपाथ को अतिक्रमण कर स्टैंड बना दिया गया है। पैदल चलने वाले लोग बची सड़क पर ही चलते हैं। क्योंकि उनका फुटपाथ अतिक्रमित हो गया है। रिपोर्टर द्वारा पूछने पर एक बस कंडक्टर ने बताया कि बांकीपुर बस स्टैंड के अंदर उतना ज्यादा स्पेश नहीं है। इसलिए एसके मेमोरियल सभागार के बाहर ही हम लोग बस खड़ी करते हैं।

न्यू सचिवालय
इसके बाद हमारी टीम न्यू सचिवालय एरिया पहुंची। जहां सरकार के सभी मंत्रियों के कार्यालय भी है। बड़े-बड़े अधिकारी भी यहां बैठते हैं। इस एरिया में फुटपाथ पर कहीं सब्जी बेचने वाले तो कहीं कपड़ा बेचने वाले ने कब्जा कर लिया है। दिव्यांगो के लिए काम करने वाली संस्था तोषियाज के सचिव सौरभ कुमार ने बताया कि सचिवालय एक ऐसा जगह हैं जहां अधिकारियों से मिलने न सिर्फ दिव्यांग आते हैं बल्कि सीनियर सीटिजन भी आते रहते हैं। फुटपाथ पर कब्जा होने से उनके आने-जाने में परेशानी होती है।

अटल पथ
इसके बाद हमारी टीम अटल पथ पर पहुंची। फ्लाई ओवर के नीचे बने फुटपाथ पर सब्जी की दुकानें सजती हैं। ऐसे में आम पब्लिक कहां चलें। महेश नगर के रहने वाले सरोज मिश्रा ने बताया कि मेरी उम्र 70 वर्ष से ज्यादा है। फुटपाथ अतिक्रमण होने से परेशानी होती है। जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलना पड़ता है। उन्होंने बताया कि फुटपाथ पैदल चलने के लिए बने हैं। लेकिन पटना में फुटपाथ दुकानदारों के लिए बनाया गया है। इसलिए दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।