पटना ब्‍यूरो।पटना में आग लगने की घटना कम नहीं हो रही है। 25 अप्रैल को पाल होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के बांस घाट के पास अगलगी की बड़ी घटना हुई। यहां लोग करोड़ों का घर बनाते हैं, टाइल्स लगाते हैं लेकिन फायर फाइटिंग सिस्टम पर ध्यान ही नहीं देते हैं। लोगों की इस उदासीनता की इस घटना को लेकर दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने सोशल मीडिया और घर-घर जाकर सर्वे किया तो 90 परसेंट लोगों को फायर फाइटिंग की जानकारी नहीं है।

आग पर बालू फेंकेंगे, कपड़े डालेंगे
सर्वे के दौरान किसी ने कहा कि आग लगने पर बालू फेंकेंगे, तो किसी ने कहा कपड़ा डाल कर आग बुझाएंगे। ये हाल है बिहार की राजधानी पटना की। जहां अगलगी की घटना को लेकर संस्थाओं में मॉक ड्रिल और ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन अक्सर होता है। मगर कम्यूनिटी लेवल पर आम पब्लिक को प्रशिक्षण नहीं मिलने की वजह से आए दिन अगलगी की घटना हो रही है। आज इंटरनेशनल फायर फाइटर्स डे पर दैनिक जागरण आईनेक्स्ट में पढि़ए ये स्पेशल सर्वे रिपोर्ट

90 परसेंट लोग बोले, जानकारी नहीं
बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के बांस घाट के पास अगलगी की घटना के बाद हमारी टीम शहर के एजी कॉलोनी, एएन कॉलेज पथ, राजीव नगर व केशरी नगर समेत दर्जनों इलाकों में जाकर 50 से अधिक लोगों से बात की। जिसमें से 90 परसेंट लोगों ने कहा कि आग से बचाव की जानकारी नहीं है। पटना के राजीव नगर इलाके स्थित रोड नंबर 6 में जब टीम पहुंची तो वहां मौजूद सोहन कुमार ने बताया कि अगलगी से बचाव की जानकारी नहीं है। न ही सरकारी लेवल पर कोई ट्रेनिंग दी गई है। रिपोर्टर द्वारा पूछने पर स्थानीय लोगों ने बताया कि अग्निशमन यंत्र भी घरों में नहीं है।

कम्यूनिटी लेवल पर ट्रेनिंग जरूरी
इसके बाद दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम एजी कॉलोनी पहुंची। कॉलोनी में रहने वाले अतुल कुमार ने बताया कि फायर फाइटिंग की जानकारी न तो स्कूल में दी गई न ही कॉलेज में। उन्होंने बताया कि इतना जानता हूं अगलगी होने पर एक लाल रंग का सिलेंडर रहता है जिससे स्प्रे करने पर आग की लपट कम हो जाती है। लेकिन इसे चलाने की जानकारी नहीं है। लोगों ने बताया कि पहले भी अगलगी की घटना हुई है इसके बाद भी सरकारी लेवल पर कॉलोनियों में कभी प्रशिक्षण या मॉक ड्रिल की व्यवस्था सरकार की ओर से नहीं की गई है। अगर कम्यूनिटी लेवल पर लोंगों को ट्रेनिंग दी जाए तो निश्चित तौर पर अगलगी की घटना कम हो जाएगी।

अवेयरनेस से होगा समस्या का समाधान
इसके बाद हमारी टीम एसकेपुरी कॉलोनी में पहुंची। पटना के पॉश एरिया होने के बाद इस इलाके के लोगों को आग बुझाने की जानकारी नहीं है। स्थानीय निवासी विजय कुमार ने बताया कि होटलों और संस्थानों में सरकारी लेवल पर आग बुझाने की जानकारी दी जाती है। लेकिन कॉलोनी के लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। अगर कॉलोनी में मॉक ड्रिल और ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन हो तो निश्ििचत रूप से लोग आग से बचाव के प्रति अवेयर होंगे जिससे अगलगी की घटना कम हो सकती है। यहां के अधिकांश घरों में अग्निशमन यंत्र भी नहीं है।

आग लगने पर बालू डाल देंगे
इसके बाद हमारी टीम केशरी नगर पहुंची। यहां लोगों से बात करने पर लोगों ने बताया कि यहां मच्छर भगाने के लिए तो सरकारी कर्मी कभी आते ही नहीं हैं। अग्निशमन प्रशिक्षण देने कैसे आएंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलेक्शन के समय वोट मांगने नेता जरूर आते हैं। स्थानीय निवासी अनिकेत कुमार ने बताया कि आग से बचाव की ज्यादा जानकारी तो नहीं है लेकिन आग लगने पर बालू डाल देंगे इससे आग बुझ जाएगी। जबकि घरों में बालू भी उपलब्ध नहीं था।

सिलेंडर लगातार हो रहे ब्लास्ट
बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित बुद्ध घाट पर भयानक आग के बाद आसपास में झोपड़ी पूरी तरह से जल गई। आग की लपट इतनी ज्यादा तेज थी कि समय पर अग्निशमन विभाग की गाडिय़ां नहीं पहुंचती तो आसपास के कॉलोनी और अपार्टमेंट में आग की लपट और पहुंच जाती। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद लगातार सिलेंडर ब्लास्ट करते रहा है। सूत्रों की मानें तो करीब 20 से अधिक गैस सिलेंडर अगलगी इस घटना में ब्लास्ट हुआ है। हालांकि मौके पर पटना एसएसपी राजीव मिश्रा के साथ अन्य अफसर पहुंचे थे और आग पर काबू पाने की कवायद तेज की गई थी।

आग लगने पर क्या करें
-लकड़ी, कोयला, कागज व कपड़े में आग लगने पर-
इसे पानी डालकर बुझाया जा सकता है।

-पेट्रोल, वार्निश व तारकोल से आग लगने पर -
ऑक्सीजन के आवागमन बंद कर आग बुझा सकते हैं।

-गैस व एलपीजी के कारण आग लगने पर -
गैस अथवा पाउडर के प्रयोग से आग बुझ सकती है।

- ज्वलनशील ठोस पदार्थो में आग लगने पर -
रासायनिक प्रक्रियाओं आग बुझायी जा सकती है।

-बिजली उपकरणों की वजह से आग लनगे पर -
लाइट बंद करने की सूचना बिजली विभाग को दें।

आग बुझाने के अन्य तरीके
-अगलगी वाले जगह को बालू, मिट्टी, कीचड़ व कम्बल से ढक दें।
-अपार्टमेंट में आग लगने पर सभी दरबाजे, खिड़की व रौशनदान बंद कर दें।
-जलती हुई वस्तु के चारों ओर झाग बनाकर ड्राइ पाउडर छिड़ाकव करें।
- आग पर फायर सेफ्टी सिलेंडर वाला गैस छोड़ें।

आग बुझाने में यूज होने वाली उपकरण
- स्ट्रप पम्प
- फायर बीटर
-लोहे की बाल्टी
-बालू
-सोडा एसिड
-फोम
-निष्क्रिय गैस

बचाव के तरीके
-गैस रबर पाइप छह महीने में बदलें।
-एक ही कमरे में गैस स्टोव, केरोसीन स्टोव एक साथ न चलाएं।
-गैस सिलेंडर सदैव खड़ा रखें।
-घरेलू अग्निशमन यंत्र यूज की विधि जाने, इसकी पूरी ट्रेनिंग लें।
- अपने कपड़े में आग लगने पर भागें नहीं जमीन पर लेट कर आग बुझाएं।


आग से बचाव की जानकारी नहीं दी गई है। तो कहां से बताएंगे। सरकार को चाहिए कि कम्यूनिटी लेवल पर लोगों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन करें।
- मोनू, आम पब्लिक

इतना जानते हैं कि बालू डालने से आग की लपट कम हो जाएगी। लेकिन आज तक आग से बचाव का प्रशिक्षण नहीं मिला है। इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है।
-अभिनव, आम पब्लिक

पटना में लगातार आग लगने की घटना हो रही है। जब तक आम लोगों को इससे बचाव की जानकारी नहीं होगी। अगलगी की घटना कम नहीं होगी। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था हो।
-नीतीश कुमार, आम पब्लिक

आग से बचाव के लिए लोग घरों में फायर सेफ्टी सिलेंडर नहीं लगाते हैं। कुल मिलाकर लोग अवेयर नहीं है। लोगों को अवेयर होना जरूरी है।
-कुणाल मिश्रा, आम पब्लिक

कम्यूनिटी लेवल पर लोगों को प्रशिक्षण देने का विचार बढिय़ा है। इसके लिए उच्च अधिकारियों से बात करते हैं।
-श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, एसडीओ, पटना सदर

इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात करते हैं। लोगों के प्रशिक्षण के लिए जो बेहतर होगा वो किया जाएगा।
-शैलेश चन्द्र दिवाकर, विशेष कार्य पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन विभाग


फायर फाइटिंग को लेकर गूगल सर्वे में पूछे गए सवाल

-फायर फाइटिंग को लेकर आपने कभी कोई मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया है?
38.5 परसेंट लोगों ने हां कहा
59.5 परसेंट लोगों ने नहीं कहा

-आपको किस-किस तरह की आग बुझाने की जानकारी है?
38.5 परसेंट लोगों ने कहा -रसोई गैस सिलेंडर में लगी आग
07.7 परसेंट लोगों ने कहा शॉर्ट सर्किट से लगी आग
30 परसेंट लोगों ने कहा कि इनमें सभी
17.9 परसेंट लोगों ने कहा इनमें से कोई नहीं


-आपके घर में फायर फायटिंग टूल्स है
71.8 परसेंट लोगों ने नहीं कहा
28.2 परसेंट लोगों ने हां कहा