पटना ब्‍यूरो। होली पर रासायनिक रंगों का प्रयोग करने से बचे। इससे त्वचा में एलर्जी, खुरदरी स्किन, खुजली और दाने निकल सकते हैं। यह रंग सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। हर्बल और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें। त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि रसायनिक रंगों की वजह से त्वचा में छोटे—छोटे लाल दाने पड़ जाते हैं। त्वचा के बाल उखड़ व टूट जाते हैं। इसे चिकित्सा भाषा में एलोपेशिया कहते हैं।
रंग से आंखों में संक्रमण का खतरा
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ। एसके त्रिपाठी का कहना है कि रंग खेलने के दौरान अपने चेहरे तथा आंखों को छूने से बचें। आंखों में रंग चले जाने पर साफ पानी से धुले। इससे आंखों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। खतरनाक रंगों के पड़ जाने से आंखों में खुजली और जलन हो सकती है। रोशनी कम हो सकती है। रंग खेलते समय कांटेक्ट लेंस न पहनें। सुरक्षात्मक चश्मा अथवा धूप के चश्मा लगाएं। रंग से भरे गुब्बारों का प्रयोग न करें। गुब्बारा आंख में लगने पर आंख का पर्दा यानी रेटीना क्षतिग्रस्त हो सकता है। रंग खेलने से पहले आंखों के आसपास नारियल का तेल अथवा क्रीम लगाएं।

इन रंगों से बचें
काला रंग से गुर्दे को नुकसान
हरे रंग से आंखों में एलर्जी
सिल्वर रंग से कैंसर का खतरा
लाल रंग से त्वचा कैंसर, नजर कमजोर समेत अन्य खतरें

गीला—केमिकल रंग कर सकता है बीमार
रंग खेलते में जरा सी चूक बीमार बना सकती है। एलर्जी, अस्थमा और सांस संबंधी दूसरी बीमारी हो सकती है। थोड़ी सी लापवाही से आंखों और त्वचा को भी नुकसान हो सकता है। त्योहार का मजा किरकिरा न हो और खुशियां बरकरार रहे। इसके लिए कुछ एहतियात बरतें।

ये बरतें सावधानी
— नशे में गाड़ी न चलाएं
— फुल आस्तीन के कपड़े पहनें
— गीला रंग खेलने से बचें
— कोई रंग लगाने आए तो अपनी आंखों को बंद रखें
— चश्मा पहनें
— रंग लगे हाथों को आंखों के पास न ले जाएं
— आंखों को मसलने या रगड़ने की गलती भी न करें
— हर्बल रंग खेलें। कैमिकल युक्त रंग खेलने से बचें
— तली—भुनी वस्तुओं के अत्याधिक सेवन से बचें
— गुब्बारे आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। रंग लगे हाथों को आंखों के पास न ले जाएं, नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

बाहर के खाने से बचें, मिलावटी हो सकता है खाना
होली के मौके पर मिलावटखोर भी सक्रिय हैं। नकली मावा, घी, तेल, खराब किस्म के मेवे आदि से बनी मिठाई, रासायनिक रंगों से बनी कचरी, चिप्स, नमकीन, कचौड़ी आदि खाद्य पदार्थों से बाजार पटा पड़ा है। क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ। विद्या की मानें, तो बाजार में उपलब्ध नकली मिठाईयां लोगों को बुरी तरह बीमार कर सकती हैं। नकली मावा, नकली घी, नमकीन, सेव आदि आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है। पेट संबंधी बीमारी, उल्टी-दस्त का शिकार हो सकते हैं। लोगों को होली पर खाने - पीने में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। घर में बने पकवान ही खाएं। तले पदार्थ खाने में सावधानी बरतें।