रूपेश हत्याकांड में बिल्डर और ठेकेदार से पूछताछ

- सीडीआर में मिले नंबर से गुत्थी सुलझाने में जुटी है एसआईटी

PATNA :

इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी एसआईटी पटना के एक बिल्डर और एक ठेकेदार से लगातार पूछताछ कर रही है। ये दोनों पुलिस के संदेह के घेरे में हैं। हत्याकांड में ठोस साक्ष्य मिल चुके हैं और अब कड़ी से कड़ी जुड़ने लगी है। एक लाइनर की भी पहचान हो चुकी है। वह पटना से बाहर है। उसके पीछे एसआईटी की दो टीमें लगी हुई हैं। वहीं बाइकर्स गैंग के एक पुराने सदस्य के करीबी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उसकी निशानदेही पर एसटीएफ शूटर की तलाश में शास्त्रीनगर, एसकेपुरी, गर्दनीबाग और कंकड़बाग में दिनभर छापेमारी करती रही।

पुनाईचक से जुड़ रहा कनेक्शन :

एसआईटी से जुड़े सूत्रों की मानें तो हत्या का कनेक्शन पुनाईचक से जुड़ता जा रहा है। बिल्डर के काफी करीबी और रूपेश सिंह के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्ड ने पुलिस की जांच की दिशा मोड़ दी है। सीडीआर रिपोर्ट, कुछ नंबरों के आखिरी लोकेशन, बिल्डर के बयान के बाद पुलिस हत्याकांड के पीछे की कहानी काफी हद तक समझ चुकी है। एयरपोर्ट पार्किंग और टेंडर विवाद की जांच में अब तक कुछ अहम सबूत हाथ नहीं लगे हैं, लेकिन बिल्डर की तरफ जैसे ही जांच शुरू हुई तो एसआईटी ने भी ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। एसटीएफ भी दूसरे जिलों से लौटकर पटना आ चुकी है।

बाइकर्स गैंग के एक सदस्य की तलाश

सूत्रों की मानें तो पुलिस ने बेउर जेल में भी बाइकर्स गैंग के एक सदस्य से पूछताछ की थी। इसमें एक बाइकर्स गैंग के एक पुराने सदस्य का नाम भी सामने आ रहा है। उसका वारदात के बाद लोकेशन नहीं मिल रहा है। एसटीएफ ने उसके एक साथी की तलाश तेज कर दी है। एसआईटी और एसटीएफ को संदेह है कि जिस तरह रूपेश पर गोलियां बरसाई गई हैं, उससे लगता है कि कहीं न कहीं दुश्मनी गहरी थी। साजिश रचने वाला भी शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र से ही जुड़ा है।

बरसाई गई थीं 15 गोलियां

रूपेश के शरीर से भले ही छह बुलेट मिले थे, लेकिन शूटर ने ताबड़तोड़ 15 राउंड फाय¨रग की थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ खोखे कार के बाहर मिले थे, जबकि कई बुलेट कार की सीट में फंसे थे। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि आमतौर पर शॉर्प शूटर पूरी मैग्जीन खाली नहीं करते। लेकिन, जिस तरह रूपेश को गोली मारी गई है, उससे साफ है कि उसके लिए मरते दम तक गोली मारने की सुपारी दी गई होगी। सुपारी की रकम भी अधिक होगी। फिलहाल जिस शूटर की पुलिस ने पहचान की है, उसका संपर्क झारखंड, सीतामढ़ी, गोपालगंज से लेकर यूपी के कई अपराधियों से रह चुका है।