पटना (ब्यूरो)। पटना राजधानी सहित पूरे जिले में दुर्गापूजा के मौके पर सप्तमी से विजयादशमी तक विधि-व्यवस्था के साथ ही नगरपालिका चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी नजर होगी। पूजा समितियों को सशर्त अनुज्ञप्ति दी जाएगी। जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग किसी हाल में बदला नहीं जाएगा। शहर की विशेष सफाई का प्रबंध किया जाएगा। यह निर्देश गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ। चंद्रशेखर ङ्क्षसह और एसएसपी मानवजीत ङ्क्षसह ढिल्लों ने जिले के पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी के साथ बैठक में दिया.जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष 26 सितंबर को शारदीय नवरात्र की कलश स्थापना होगी। नवरात्र के दौरान दो अक्टूबर को सप्तमी से मंदिरों और सार्वजनिक पूजा स्थलों पर भीड़ होगी। जिला प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती दो से पांच अक्टूबर तक रहेगी।

नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर एहतियात

नगर निगम सहित जिले नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए मतदान 10 अक्टूबर को होगा। नवरात्र के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर आचार संहिता के अनुपालन के लिए कड़ी नजर होगी। नगरपालिका चुनाव के अवसर पर जिले के नगर निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है।

पूजा समितियों के लिए दिशा निर्देश

डीएम ने कहा कि पूजा के मौके पर असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें। इंटरनेट मीडिया मॉनिटङ्क्षरग सेल अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखेगी। पूजा पंडालों में सीसी कैमरा, प्रवेश और निकास द्वार, मूर्ति और पंडाल की ऊंचाई, मजबूती और अग्निशमन के साथ बिजली के संभावित खतरे से बचाव का इंतजाम करेंगे। पदाधिकारियों की टीम समय से सभी मानकों की जांच करेंगे। अनुज्ञप्ति में अंकित जुलूस मार्ग का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित करेंगे। पार्किंग की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। शौचालय एवं पेयजल की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। आपत्तिजनक स्लोगन, कार्टून, उम्मीदवारों के पोस्टर और होर्डिंग बिना अनुमति के नहीं प्रदर्शित किया जाएगा।

रात 10 से सुबह 6.00 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक

जिलाधिकारी ने सभी एसडीओ को अपने क्षेत्र में कृत्रिम तालाब तैयार करने का निर्देश दिया है। पर्यावरण संरक्षण के प्रविधान के अनुसार मूर्ति विसर्जन सुनिश्चित किया जाएगा। जुलूस मार्ग एवं घाटों को अतिक्रमणमुक्त रखेंगे। विसर्जन के दिन नदी में बिना अनुमति के नाव परिचालन पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6.00 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक है। जुलूस में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसे सुनिश्चित किया जाए। सिविल सर्जन आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।