क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सिटी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है. इसमें सिटी की पब्लिक और रांची नगर निगम का पूरा योगदान है. पब्लिक रोड पर कूड़ा फेंकने से बाज नहीं आ रही है. वहीं नगर निगम रेगुलर कूड़ा उठाने को तैयार नहीं है. अगर नगर निगम हर इलाके में डस्टबिन लगा देता तो कम से कम शहर का इतना कचरा तो नहीं होता. लेकिन नगर निगम ने सिटी में डस्टबिन लगाने का कांसेप्ट ही खत्म कर दिया है.

कोकर इंडस्ट्रियल एरिया

करोड़ों रुपए का कारोबार देने वाला कोकर इंडस्ट्रियल एरिया सफाई में फिसड्डी है. इस एरिया में रहने वाले लोग और दुकानदार कचरा फेंकने में जितने चुस्त हैं उतना ही नगर निगम हो जाता तो कचरा ही नहीं दिखता. लेकिन निगम की रफ्तार सुस्त हो गई है. इस वजह से कचरा ही कचरा दिखने लगा है.

चर्च रोड

डोर टू डोर कलेक्शन की बात होती है. वहीं डस्टबिन भी साफ करने के दावे होते हैं. लेकिन पब्लिक है कि कूड़ा गाड़ी जाने के बाद जागती है. वहीं डस्टबिन खाली रहने के बावजूद बाहर में कचरा डालकर निकल जाते हैं. वहीं निगम के लोग भी उसे रेगुलर उठा लेते तो सूरत ही कुछ और होती.

Posted By: Inextlive