-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में कई जगह फैला है जानलेवा बायोमेडिकल वेस्ट

-थर्सडे को प्राइवेट हॉस्पिटल में एडीशनल सीएमओ ने मारे थे छापे

<-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में कई जगह फैला है जानलेवा बायोमेडिकल वेस्ट

-थर्सडे को प्राइवेट हॉस्पिटल में एडीशनल सीएमओ ने मारे थे छापे

BAREILLY BAREILLY .

स्वास्थ्य विभाग ने थर्सडे को प्राइवेट हॉस्पिटल में छापेमारी कर बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की स्थिति को देखा था. जिसमें दो हॉस्पिटलों की लापरवाही सामने आई थी. ऐसे में दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने फ्राइडे को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया, तो खौफनाक सच्चाई सामने आई. हॉस्पिटल में कई जगह पर बायोमेडिकल वेस्ट फैले पड़े थे, जिससे बीमार मरीज और ज्यादा बीमार हो सकते हैं.

इमरजेंसी वार्ड के पीछे फैला है वेस्ट

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड के पीछे बायोमेडिकल वेस्ट बड़ी मात्रा में फैला पड़ा है. जिससे संक्रामक रोगों के फैलने की उम्मीद सबसे ज्यादा होती है. ऐसे में हॉस्पिटल इलाज के लिए आ रहे मरीजों को बीमारियां मुफ्त में मिल रही हैं. इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को इस वेस्ट से सबसे अधिक खतरा है.

क्या है बायोमेिडकल वेस्ट

हॉस्पिटल्स में आने वाले मरीजों को ट्रीटमेंट में यूज होने वाले सिरिंज, कॉटन, निडिल आदि चीजों को ट्रीटमेंट के बाद दूसरे मरीजों पर प्रयोग न किया जा सके. इसके लिए इस तुरंत ही बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट में डाल दिया जाता है. जिससे इन संक्रमित चीजों से दूसरे मरीज को कोई रोग न हो सके.

वेस्ट प्लांट को चािहए संजीवनी

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बने बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट खुद वेस्ट हो रहे हैं. हॉस्पिटल में दो बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट बनाए गए हैं. इसमें से एक नेत्र रोग विभाग के बराबर में तो दूसरा ओपीडी के पीछे बनाया गया है. दोनों ही प्लांट के चारों ओर नालियों का गंदा पानी भरा रहता है. जिसके कारण प्लांट तक पहुंचना नामुमकिन है. ऐसे में वार्डो से मिलने वाले वेस्ट को कर्मचारी इधर-उधर फेक देते हैं. जो संक्रमण के लिए काफी है.

प्राइवेट हॉस्पिटलों को दिया है अल्टीमेटम

थर्सडे को एडीशनल सीएमओ द्वारा शहर के प्राइवेट हॉस्पिटलों में वेस्ट के निस्तारण की स्थिति को देखा गया था. जिसमें से दो हॉस्पिटल सांई हॉस्पिटल और महाजन हॉस्पिटल में बड़ी अनियमित्ताएं पाई गई थी. जिसके बाद उन्होंने दोनों ही हॉस्पिटलों को नोटिस जारी कर सात दिनों के अंदर व्यवस्था को सुधारने का अल्टीमेटम दिया है. यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो दोनों ही हॉस्पिटल का लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा.

हॉस्पिटल में यदि बायोमेडिकल वेस्ट खुले में इधर-उधर फेंक दिया जाता है. ये गंभीर बात है इसके लिए सीएमएस से तुरंत व्यवस्था सुधारने के लिए कहा जाएगा.

डॉ. अशोक कुमार,

एडीशनल सीएमओ