-राम मंदिर मुद्दे पर 13 फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंभ में संतों से करेंगे मुलाकात

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PRAYGRAJ: संगम की रेती पर चल रहे जप-तप और अनुष्ठान के बीच आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं. विश्व हिन्दू परिषद की धर्म संसद में जहां राम मंदिर निर्माण को लेकर चार महीनों तक कोई आंदोलन न चलाने का निर्णय लिया गया था. इस धर्म संसद का अखाड़ा परिषद की ओर से बायकाट किया गया था. वहीं अखाड़ा परिषद ने अपनी महत्वपूर्ण बैठक कर संत-महात्माओं के साथ कुंभ मेला के बाद अयोध्या कूच करने का प्रस्ताव पारित किया गया था. यह ऐसा मुद्दा है जिसको लेकर चुनावी बिसात एक बार फिर बिछाई जा रही है. यही वजह है कि संत समाज को साधने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 13 फरवरी को कुंभ मेला में आ रहे हैं.

चलेगा बैठकों का दौर

प्रयागराज आने पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मेला एरिया में सेक्टर सोलह स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, दिगम्बर अनि अखाड़ा, निर्मोही अनि अखाड़ा व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी सहित कई अखाड़ों में जाकर संत-महात्माओं का आशीर्वाद लेंगे और प्रत्येक अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ अलग से बैठक भी करेंगे. निर्मोही अनि अखाड़ा में शाह का स्वागत करने के लिए कटआउट भी लग चुके हैं. अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेन्द्र दास के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष हमारे अखाड़े में आएंगे और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. चर्चा यह भी है कि शाह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर व पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद सरस्वती और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनी से भी उनके शिविर में जाकर मुलाकात करेंगे.

हनुमानजी का लेंगे आशीर्वाद

भाजपा अध्यक्ष श्री शाह अखाड़ों के साथ बैठक करने से पहले बंधवा स्थित बड़े हनुमानजी मंदिर जाएंगे. परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि ने बताया कि अभी तक की जानकारी के अनुसार प्रयागराज आने पर भाजपा अध्यक्ष मंदिर में आकर हनुमानजी का पूजन-अर्चन करेंगे. उसके बाद किला परिसर में स्थित अक्षयवट का दर्शन करने जाएंगे. पूजन-अर्चन के बाद उनका मेला एरिया में स्थित अलग-अलग अखाड़ों की छावनी में स्वागत किया जाएगा.

वर्जन

भाजपा अध्यक्ष की 13 फरवरी को प्रयागराज आने की जानकारी मिली है. यहां आने पर संत-महात्माओं के साथ उनका स्वागत किया जाएगा. श्री शाह निरंजनी अखाड़ा, जूना अखाड़ा व निर्मोही अनि अखाड़ा सहित कई अखाड़ों में जाएंगे.

-श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद