क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : बस संचालकों ने कुछ महीनों पहले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का हवाला देकर किराए में 30 परसेंट तक की वृद्धि कर दी थी, लेकिन, सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थो में की गई कटौती के बाद भी बस भाड़े में किसी तरह की कोई कमी नहीं की गई है. इतना ही नहीं, फेस्टिव सीजन के दौरान पैसेंजर्स से मनमाना भाड़ा तक वसूला गया. लेकिन, इसकी फिक्र न तो परिवहन विभाग को है और न ही प्रशासन को. ऐसे में बस संचालकों की मनमानी यात्रियों को भुगतनी पड़ रही है.

30 परसेंट तक बढ़ा है भाड़ा

डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद बस संचालकों ने किराए में 20-30 परसेंट किराया बढ़ा दिया था. बस संचालकों की इस मनमानी पर परिवहन मंत्री ने बढ़ा हुआ भाड़ा वसूलने वाले बसों का परमिट रद करने की चेतावनी भी दी थी. लेकिन, मंत्री जी की यह चेतावनी हवा-हवाई साबित हुई. बस संचालक बिना किसी डर-भय के पैसेंजर्स से बढ़ा हुआ भाड़ा वसूलते आ रहे हैं.

फेस्टिव सीजन में जमकर मनमानी

बस संचालकों की मनमानी किराए में बढ़ोतरी पर ही नहीं रूकी. फेस्टिवल और लगन में तो ये लोग बढ़ा हुआ किराया के बाद भी एक्सट्रा चार्ज वसूल रहे है. वहीं किराया नहीं देने पर बस से उतार देने की धमकी भी देते है. ऐसे में पैसेंजर्स मुंहमांगा किराया देने को भी तैयार है. ऐसे में जब कोई मनमाना किराया नहीं देना चाहता तो उससे हर दिन बकझक भी हो रही है.